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DGCA: डीजीसीए ने स्पाइसजेट पर से विशेष निगरानी हटाई, बताया यह कारण
Tue, 15 Oct 2024 02:36 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 15 Oct 2024 02:36 PM IST
सार
DGCA: 13 सितंबर को, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन को निगरानी व्यवस्था के तहत रखा था, क्योंकि वित्तीय बाधाओं के कारण एयरलाइन के विमान रखरखाव से संबंधित अनिवार्य दायित्वों के निर्वहन पर असर पड़ा था।
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स्पाइसजेट
- फोटो : ANI
विस्तार
विमानन नियामक डीजीसीए ने मंगलवार को कहा कि उसने स्पाइसजेट विशेष निगरानी से बाहर कर दिया है। एयरलाइन ने कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाए हैं और अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए धन जुटाया है।
13 सितंबर को, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन को निगरानी व्यवस्था के तहत रखा था, क्योंकि वित्तीय बाधाओं के कारण एयरलाइन के विमान रखरखाव से संबंधित अनिवार्य दायित्वों के निर्वहन पर असर पड़ा था।
डीजीसीए ने एक बयान जारी कर कहा कि निगरानी व्यवस्था के तहत नियामक ने ने विभिन्न स्थानों पर कुल 266 बार जांच की। नियामक के अनुसार, यह सुनिश्चित किया गया कि मौके पर की गई जांच के दौरान पाई गई कमियों को एयरलाइन ने उचित सुधार की कार्रवाई की।
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डीजीसीए ने कहा, "इसके मद्देनजर और कंपनी में अतिरिक्त धन के वित्तीय प्रवाह के कारण, स्पाइसजेट को निगरानी व्यवस्था से हटा दिया गया है।" पिछले महीने संकटग्रस्त स्पाइसजेट ने संस्थागत निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये जुटाए थे और तब से इसने कई बकाये चुकाए हैं, कर्मचारियों को लंबित वेतन का भुगतान किया है और कुछ विमान पट्टेदारों के साथ समझौता किया है। बीएसई पर मंगलवार को दोपहर के कारोबार में स्पाइसजेट के शेयर 1.66 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 66.80 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
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13 सितंबर को, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन को निगरानी व्यवस्था के तहत रखा था, क्योंकि वित्तीय बाधाओं के कारण एयरलाइन के विमान रखरखाव से संबंधित अनिवार्य दायित्वों के निर्वहन पर असर पड़ा था।
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डीजीसीए ने एक बयान जारी कर कहा कि निगरानी व्यवस्था के तहत नियामक ने ने विभिन्न स्थानों पर कुल 266 बार जांच की। नियामक के अनुसार, यह सुनिश्चित किया गया कि मौके पर की गई जांच के दौरान पाई गई कमियों को एयरलाइन ने उचित सुधार की कार्रवाई की।
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डीजीसीए ने कहा, "इसके मद्देनजर और कंपनी में अतिरिक्त धन के वित्तीय प्रवाह के कारण, स्पाइसजेट को निगरानी व्यवस्था से हटा दिया गया है।" पिछले महीने संकटग्रस्त स्पाइसजेट ने संस्थागत निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये जुटाए थे और तब से इसने कई बकाये चुकाए हैं, कर्मचारियों को लंबित वेतन का भुगतान किया है और कुछ विमान पट्टेदारों के साथ समझौता किया है। बीएसई पर मंगलवार को दोपहर के कारोबार में स्पाइसजेट के शेयर 1.66 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 66.80 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।