हवाई अड्डे पर बॉयोमेट्रिक आईडी से होगा प्रवेश, विमान में बोर्डिंग पास के लिए चेहरा ही काफी
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इन हवाई अड्डों से होगी शुरुआत
हवाई यात्री अब जल्द ही अपने चेहरे की पहचान (बायोमीट्रिक) के जरिए देश के किसी भी एयरपोर्ट में प्रवेश पा सकेंगे। यह तकनीक अत्याधुनिक और पूरी तरह सुरक्षित है। सबसे पहले इस सुविधा को बंगलूरू और हैदराबाद के एयरपोर्ट पर शुरू किया जाएगा। इसके बाद इसे वाराणसी, कोलकाता, पुणे और विजयवाड़ा में एक से तीन महीने के अंदर शुरू किया जाएगा। यह व्यवस्था सिर्फ उन्हीं यात्रियों के लिए ही होगी, जो इच्छुक होंगे।सुविधा का लाभ लेने को बनानी होगी यूनिक आईडी
सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपने नाम, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर व पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड की सहायता से यूनिक आईडी बनानी होगी। टिकट बुकिंग के समय इस आईडी का इस्तेमाल करना होगा। इसके बाद यात्रा से पहले एयरलाइंस कंपनी यात्री के विवरण को उस एयरपोर्ट से साझा करेगी, जहां से उसे उड़ान भरनी होगी।पहली बार उड़ान भरने पर आईडी की जांच होगी। जांच प्रक्रिया सफल होने पर उसके चेहरे का बायोमीट्रिक कर उसकी आईडी से जोड़ दिया जाएगा। एक बार यह प्रक्रिया सफल होने पर यात्री को बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान प्रमाण पत्र नहीं दिखाना पड़ेगा।
नागरिक उड्डयन मंत्री (राज्य) जयंत सिन्हा ने कहा कि डिजियात्रा के तहत मिले यात्रियों की जानकारियों के जरिये उनकी प्रोफाइलिंग नहीं की जाएगी। साथ ही उनका डाटा सुरक्षित रखा जाएगा।
यात्री का चेहरा होगा बोर्डिंग पास
बंगलूरू अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल) के एमडी और सीईओ हरि मरार ने कहा, 'अब आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास होगा।' उन्होंने कहा, 'इस सुविधा से बिना किसी परेशानी के यात्री हवाई यात्रा कर सकेंगे और उन्हें लाइन में भी नहीं लगना पड़ेगा।'
बीआईएएल द्वारा जारी स्टेटमेंट में कहा गया है, 'बोर्डिंग के लिए रजिस्ट्रेशन को पेपरलेस बनाकर हवाई यात्रा को आसान करने के लिए यह सुविधा शुरू की गई है। बायोमेट्रिक तकनीक से यात्रियों के चेहरे से उनकी पहचान होगी और वे एयरपोर्ट पर जा सकेंगे। उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान पत्र नहीं दिखाने पड़ेंगे।'
पुर्तगाली सॉफ्टवेयर कंपनी विजन बॉक्स की वेबसाइट के मुताबिक कंपनी ने पहली बार इसी साल मार्च में लॉस एंजेलिस एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए फेस रिकग्निशन का इस्तेमाल किया था। वहां बोर्डिंग पास की बजाय बायोमेट्रिक बोर्डिंग का इस्तेमाल हुआ।
बीआईएएल के साथ अग्रीमेंट साइन करने के बाद वॉइस बॉक्स ने कहा कि ऐसा करने का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा को पहले से ज्यादा सरल बनाना है। इससे उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास नहीं दिखाना पड़ेगा। वहीं मरार का कहना है कि लोगों का चेहरा ही अब उनका बोर्डिंग पास होगा।