{"_id":"698f4a1a08d8bf5c0e0c72bf","slug":"dgca-fines-air-india-rs-1-crore-for-operating-airbus-a320-without-mandatory-arc-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Air India Fine: डीजीसीए ने एअर इंडिया पर लगाया 1 करोड़ का भारी जुर्माना, बिना ARC सर्टिफिकेट उड़ाईं आठ उड़ानें","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Air India Fine: डीजीसीए ने एअर इंडिया पर लगाया 1 करोड़ का भारी जुर्माना, बिना ARC सर्टिफिकेट उड़ाईं आठ उड़ानें
Fri, 13 Feb 2026 09:28 PM IST
शिवम गर्ग
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 13 Feb 2026 09:28 PM IST
सार
डीजीसीए ने एयर इंडिया पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एयरबस A320 विमान ने बिना अनिवार्य एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट के आठ उड़ानें भरीं। मामले में शीर्ष प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया।
विज्ञापन
एअर इंडिया
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर सेफ्टी नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में एअर इंडिया पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच में पाया गया कि एयरलाइन के एयरबस A320 विमान ने बिना अनिवार्य एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) के आठ बार उड़ान भरी। नियामक संस्था ने इसे बेहद गंभीर चूक मानते हुए शीर्ष स्तर के प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।
विज्ञापन
डीजीसीए ने बताया गंभीर लापरवाही
डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि नियामकीय अनुपालन में गंभीर कमी को दर्शाता है। सूत्रों के अनुसार, नियामक ने इसे एयरलाइन की कैजुअल अप्रोच करार दिया और स्पष्ट किया कि इस प्रकार के उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। जुर्माने के साथ-साथ जिम्मेदारी तय करते हुए एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन को इस चूक के लिए उत्तरदायी ठहराया गया है। आमतौर पर ऐसे मामलों में संबंधित प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें:- General Anil Chauhan: 'भारत स्वतंत्र रूप से काम के लिए तैयार रहे; स्थायी दोस्त या दुश्मन जैसी बात सिर्फ भ्रम'
विज्ञापन
एअर इंडिया की प्रतिक्रिया
डीजीसीए के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए एअर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि यह मामला 2025 में स्वेच्छा से रिपोर्ट की गई एक घटना से संबंधित है। एयरलाइन ने कहा कि पहचानी गई सभी कमियों को अब संतोषजनक ढंग से दूर कर लिया गया है और इसकी जानकारी प्राधिकरण के साथ साझा की गई है। प्रवक्ता ने यह भी दोहराया कि एयर इंडिया अपने संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्यों अहम है ARC सर्टिफिकेट?
एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट विमान की तकनीकी स्थिति, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और सुरक्षा अनुपालन की पुष्टि करता है। इसके बिना उड़ान संचालन यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा जोखिम माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एविएशन सेक्टर में इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो। डीजीसीए का यह कदम साफ संकेत देता है कि विमानन सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 24 से 25 नवंबर के बीच एअर इंडिया के एयरबस A320 विमान ने नई दिल्ली, बंगलूरू, मुंबई और हैदराबाद सहित कई सेक्टर्स में उड़ानें संचालित कीं। इन उड़ानों के लिए आवश्यक एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) प्राप्त नहीं किया गया था। एआरसी एक अनिवार्य वार्षिक प्रमाणपत्र है, जिसे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी किया जाता है। यह प्रमाणपत्र सुनिश्चित करता है कि विमान सभी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है। बिना ARC के उड़ान भरना विमानन सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
अन्य वीडियो:-
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन