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Report: वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारतीय तेल और गैस क्षेत्र में होगी वृद्धि, रिसर्च में किया गया दावा

Mon, 09 Jun 2025 03:01 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 09 Jun 2025 03:01 PM IST
सार

Report: एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद, भारतीय तेल और गैस क्षेत्र में वित्त वर्ष 2026 और 2027 में मजबूत वृद्धि की संभावना है। इन क्षेत्र की कंपनियों के एवरेज सेल, EBITDA और PAT में  बढ़ोतरी हो सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Despite global instability, Indian oil and gas sector will grow, claims Systematics research
ऑयल एंड गैस कंपनियों के मुनाफे का अनुमान। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारतीय तेल और गैस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में आने वाले सालों में मजबूत वृद्धि की संभावना है। सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिसर्च में यह दावा किया गया है। रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार तेल व गैस बाजार में पिछले महीने आए उतार-चढ़ाव के बावजूद वित्त वर्ष 2026 और 2027 में इस क्षेत्र में मजबूत वृद्धि हो सकती है। 

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औसत बिक्री, संचालन और कर पश्चात लाभ में होगी मजबूत वृद्धि 

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2026 में भारतीय तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों का एवरेज सेल 6 प्रतिशत, EBITDA 12.9 प्रतिशत और PAT(Profit After Tax) 13.3 प्रतिशत होगा। वहीं वित्त वर्ष 2027 में औसत बिक्री 7.8 प्रतिशत, EBITDA यानी संचालन लाभ 9 प्रतिशत और कर पश्चात लाभ (PAT) 10.1 प्रतिशत रहेगा। सिस्टमैटिक्स के अनुसार इनमें रिलायंस लिमिटेड (RIL), गेल इंडिया लिमिटेड (GAIL), महानगर गैस लिमिटेड  (MGL) और गल्फ ऑफ ऑयल लुब्रिकेंट्स इंडिया लिमिटेड (GOLI) टॉप में शामिल रहेंगे। 

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ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 22.9 प्रतिशत की सालाना गिरावट 

रिसर्च के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण बाजार में काफी अस्थिरता रही, जबकि रिफाइनिंग मार्जिन में मजबूत उछाल आया। पिछले महीने ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 22.9 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट हुई और 3.8 प्रतिशत की मासिक गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट  साऊदी अरब और यूए जैसे ओपेक (पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन) देशों में आपूर्ति वृद्धि से प्रभावित थी। इसके अलावा वैश्विक तरल की मांग में तेल गिरावट देखी गई। 

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जीआरएम में हुई 121 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि 

इसके विपरित, कंपनियों के बेंचमार्क सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) में 85 प्रतिशत मासिक और 121 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई। यह औसतन 6.4 डॉलर प्रति बैरल रहा। यह बड़ा सुधार कच्चे तेल की कम इनपुट लागत और गैसोलीन, गैसऑलय, जेट, कैरो और नेफ्था सेगमेंट में बेहतर उत्पाद से हुआ। इसके अलावा, प्राकृतिक गैस की कीमतों में मिली जुली स्थिति देखने को मिली। जनवरी 2025 से अधिक आपूर्ति के कारण अमेरिका के हेनरी हब की कीमतों में 31.8 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, एशियाई स्पॉट एलएनजी (जापान कोरिया मार्कर) की कीमतें घरेलू मांग के कारण 6.7 प्रतिशत की वार्षिक बढ़त हुई। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में तेल और गैस क्षेत्र की कुल आय में साल दर साल की मामूली गिरावट देखी गई । हालांकि गैस और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने अनुमान से अधिक राजस्व की रिपोर्ट की।

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