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Credit Card: बंद हो जाएंगे क्रेडिट कार्ड से कुछ भुगतान, जानिए आरबीआई की आपत्ति के बाद क्या हुए बदलाव

Mon, 22 Apr 2024 12:18 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा झा Updated Mon, 22 Apr 2024 12:18 PM IST
सार

अगर आप भी क्रेडिट कार्ड के जरिए मकान या दुकान का किराया, सोसायटी शुल्क, ट्यूशन फीस, वेंडर शुल्क आदि का भुगतान करते हैं तो अब आपकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। आरबीआई के इन भुगतान पर आपत्ति जताने के बाद से क्रेडिट कार्ड के जरिए किए जाने वाले कुछ भुगतान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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Credit Card: Some payments through credit cards will be stopped, know what changes hppnd after RBI's objection
credit card new - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अगर आप भी क्रेडिट कार्ड के जरिए मकान या दुकान का किराया, सोसायटी शुल्क, ट्यूशन फीस, वेंडर शुल्क आदि का भुगतान करते हैं तो अब आपकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। आरबीआई के इन भुगतान पर आपत्ति जताने के बाद से क्रेडिट कार्ड के जरिए किए जाने वाले कुछ भुगतान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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भारतीय रिजर्व बैंक क्रेडिट कार्ड के तहत किए जाने वाले भुगतान को लेकर बड़ा फैसला कर सकता है। सूत्रों की मानें तो क्रेडिट कार्ड से होने वाले मकान या दुकान के किराए, सोसायटी शुल्क, ट्यूशन फीस, वेंडर शुल्क आदि के भुगतान के विकल्प हटाए जा सकते हैं। 
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आरबीआई ने इन भुगतानों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि क्रेडिट कार्ड को ग्राहक के किसी कारोबारी को व्यावसायिक भुगतान कर पाने के लिए बनाया गया। न की व्यक्तिगत तौर पर होने वाले भुगतान के लिए। पिछले कुछ सालों में क्रेडिट कार्ड से ये सब भुगतान की संख्या काफी बढ़ी है।
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लेकिन जल्द ही इस पर रोक लगाई जा सकती है। आरबीआई का कहना है कि व्यावसायिक भुगतान के अलावा अन्य भुगतान करने के लिए भुगतान प्राप्त करने वाले को भी कारोबारी खाता खुलवाना पड़ेगा। आरबीआई ने कहा कि दोनों के नियमों और मानकों में काफी अंतर है, इसलिए इसका पालन करना आवश्यक भी है।

पिछले साल 1.5 लाख करोड़ का हुआ था भुगतान
पिछले कुछ वर्षों में लोगों के क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल करने का आंकड़ा बढ़ा है। आरबीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछली फरवरी में क्रेडिट कार्ड से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। प्रतिवर्ष इसमें 26 फीसदी की वृद्धि भी हुई। लेकिन इस 1.5 लाख करोड़ रुपये के भुगतान में ट्यूशन फीस, किराए का भुगतान, सोसायटी शुल्क का भुगतान आदि प्रतिशत ज्यादा था। 

क्रेडिट कार्ड धारकों को ऐसा है फायदा
क्रेडिट कार्ड धारकों को भुगतान करने में कई फायदे होते हैं। पहला सबसे अहम फायदा यही है कि हाल फिलहाल नगद न होने पर भी क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकते हैं। इससे उन्हें भुगतान करने के बाद भी 50 दिन का अतिरिक्त समय मिल जाता है। दूसरा फायदा यह कि कई क्रेडिट कार्ड कंपनियां भुगतान करने पर कैशबैक या रिवार्ड अंक देती हैं। तीसरा फायदा यह भी है कि कई कंपनी खर्च की लिमिट के हिसाब से वार्षिक शुल्क भी माफ कर देती हैं।

अलर्ट मोड पर आए बैंक
आरबीआई के आपत्ति जताने के बाद से बैंक अलर्ट हो गए हैं। बैंक की ओर से भी इस भुगतान को रोकने की कोशिश शुरू हा गई है। कई बैंक की ओर से कुछ भुगतान पर रिवार्ड अंक देना बंद हो गया है। कई बैंक ने वार्षिक शुल्क माफ करने के लिए खर्च की लिमिट से किराया, ट्यूशन फीस भुगतान का विकल्प हटा दिया है।


इस तरह किया जा रहा था इस्तेमाल
पिछले कुछ वर्षों से कुछ फिनटेक कंपनी ने क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान करने का विकल्प ग्राहकों को दिया था। इसके लिए क्रेडिट कार्ड धारक का एस्क्रो खाता खुलवाया जाता है। कार्ड से कुछ धनराशि इसमें डाली जाती है। इसके बाद दुकान या मकान का किराया मकानमालिक के बैंक खातों में भेज दिया जाता है। इस सुविधा के लिए फिनटेक कंपनी भी एक से तीन प्रतिशत का शुल्क वसूला करती हैं।
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