SBI: एसबीआई ने एमसीएलआर में इजाफा कर दिया तगड़ा झटका, महंगे होंगे वाहन और होम लोन
देश के सबसे बड़े बैंक और ऋणदाता एसबीआई ने अपनी जमा और उधार दरों में वृद्धि की है। एसबीआई ने ये फैसला पिछले सप्ताह रिजर्व बैंक की रेपो दर में वृद्धि के बाद किया है।
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देश के सबसे बड़े बैंक और ऋणदाता एसबीआई ने अपनी जमा और उधार दरों में वृद्धि की है। एसबीआई ने ये फैसला पिछले सप्ताह रिजर्व बैंक की रेपो दर में वृद्धि के बाद किया है। एसबीआई ने दो करोड़ रुपये से कम और 211 दिन से 3 साल में मेच्चोर होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट्स की ब्याज दरों में बदलाव करते हुए 0.20 प्रतिशत की वृद्धि की है। भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी देते हुए कहा कि ये संशोधित ब्याज दरें आज यानी 14 जून, 2022 से लागू हो गई हैं। इसके अलावा एसबीआई ने एमसीएलआर यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेन्डिंग रेट को 0.20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। बढ़ी हुईं दरें 15 जून से लागू हो जाएंगी।
एसबीआई ने दी जानकारी
एसबीआई ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि 211 दिनों से लेकर एक वर्ष से कम समय में पूरी होंने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट्स की ब्याज दरों को बैंक ने 4.60 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले ये दर 4.40 प्रतिशत थी। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को पहले के 4.90 प्रतिशत के मुकाबले 5.10 प्रतिशत का ब्याज दिया जाएगा। इसी तरह, एक साल से अधिक और दो साल से कम की अवधि वाली एफडी के लिए ग्राहकों को अब 0.20 प्रतिशत तक बढाकर 5.30 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। इसके साथ ही दो साल से कम और तीन साल से अधिक अवधि वाली एफडी पर एसबीआई ने ब्याज दर 5.20 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.35 प्रतिशत कर दी है। एसबीआई ने ने दो करोड़ रुपये और उससे अधिक की घरेलू थोक सावधि जमा पर ब्याज दरों को 0.75 प्रतिशत तक बढ़ाया है। एक साल से अधिक और दो वर्ष से कम की अवधि के लिए थोक जमा वाले ग्राहक 14 जून, 2022 से 4.75 प्रतिशत ब्याज अर्जित करेंगे। पहले यह दर 4 प्रतिशत थी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये नई दर 4.50 प्रतिशत के मुकाबले 5.25 प्रतिशत होगी।
एसबीआई ने एमसीएलआर को 0.20 प्रतिशत तक बढ़ाया
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते रेपो रेट 0.50 फीसदी बढ़ाकर 4.90 फीसदी कर दिया था। रेपो रेट अल्पकालिक उधार दर है जो आरबीआई बैंकों से चार्ज करता है। इसका असर अब दिखने लगा है। आरबीआई के रेपो रेट को बढ़ाने के बाद एसबीआई ने भी एमसीएलआर यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेन्डिंग रेट को 0.20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। बढ़ी हुईं दरें 15 जून से लागू हो जाएंगी।
एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, एमसीएलआर में हालिया बदलाव के बाद 1 साल तक के कर्ज के लिए रेट 7.20 फीसदी से बढ़कर 7.40 फीसदी हो गया है। इसी तरह तीन साल के कर्ज के लिए एमसीएलआर 7.05 फीसदी से बढ़कर 7.70 फीसदी हो गया है। गौरतलब है कि अधिकांश उपभोक्ता ऋण जैसे ऑटो, गृह और व्यक्तिगत ऋण एमसीएलआर से जुड़े होते हैं।
एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, 15 जून, 2022 से रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) भी बढ़ा दिया गया है। 8 जून को आरबीआई के रेपो रेट में संशोधन के बाद कई बैंकों ने दरें बढ़ाई हैं।