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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Corporate: Co-founder of the company got furious when he refused to join after taking offer letter

Corporate: ऑफर लेटर लेकर जॉइनिंग से मना किया तो कंपनी का को-फाउंडर भड़का, सोशल मीडिया पर ऐसे निकाली भड़ास

Thu, 08 Sep 2022 03:17 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Thu, 08 Sep 2022 03:17 PM IST
सार

Corporate: Ease My Trip के सहसंस्थापक प्रशांत पिट्टी ने ट्विटर पर लिखा है कि अगर कोई व्यक्ति लंबे इंतजार के बाद ज्वाइन करने से मना कर देता है तो पूरी प्रकिया में लगने वाला समय और संसाधन बेकार हो जाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से समस्या का समाधान भी जानना चाहा।

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विस्तार

ऑफर लेटर स्वीकार करने के बाद कई कर्मचारी ऐन जॉइनिंग के मौके पर पीछे हट जाते हैं और प्रस्ताव को स्वीकार करने से मना कर देते हैं। कॉरपोरेट जगह में यह कोई नई बात नहीं है। यह समस्या फिलहाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल ऐसे ही एक मामले के बाद ट्रैवल कंपनी EaseMyTrip के को-फाउंडर ने अपनी भड़ास सोशल मीडिया पर निकाली है। उनके इस पोस्ट पर लोगों ने भी कई दिलचस्प जवाब दिए हैं और उन्हें इस समस्या से निपटने का तरीका भी बताया है।

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इज माय ट्रिप के को फाउंडर प्रशांत पिट्टी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक व्हाट्सऐप चैट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा था कि उनकी कंपनी में सिलेक्ट हुए एक कैंडिडेट ने किसी दूसरी कंपनी में बेहतर मौका मिलने की बात कहकर इज माय ट्रिप में ज्वाइन करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आगे लिखा कि किसी उम्मीदवार की बहाली प्रक्रिया में लंबा समय लगता है। ऑफर लेटर  जारी करने के बाद कंपनी कई दिनाें या कुछ मामलों में कई महीनों तक इंतजार करती है। उसके बाद भी अगर कोई ज्वाइन ना करे तो यह दुखद है।

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अगर कोई व्यक्ति लंबे इंतजार के बाद ज्वाइन करने से मना कर देता है तो पूरी प्रकिया में लगने वाला समय और संसाधन बेकार हो जाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से समस्या का समाधान भी जानना चाहा। इज माय ट्रिप के सहसंस्थापक प्रशांत पुट्टी की इस ट्वीट पर भारत पे के कोफाउंडर अशनीर ग्रोवर ने भी रिप्लाई किया है। उन्होंने लिखा है कि भारत में काॅन्ट्रैक्ट की वैल्यू नहीं है। यहां लोग एक हाथ ले और दूसरे हाथ दे पर भरोसा करते हैं। 

प्रशांत पिट्टी की ओर से यह पोस्ट किए जाने के बाद लोगों ने उन्हें इससे निपटने का एक दिलचस्प तरीका भी बताया जो ऐसी ही समस्या से जूझ रहे क्रेड कंपनी के फाउंडर कुणाल शाह ने अपनाया था। दरअसल कुणाल शाह इस समस्या को खत्म करने के लिए उम्मीदवार को ऑफर लेटर के साथ मैकबुक देने का प्लान किया था। उसके बाद उनकी कंपनी में ऑफर लेटर लेने वाले 99% लोगों ने ज्वाइन कर लिया। 

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