फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Coronavirus Outbreak: Small business credit worth Rs 2.32 lakh cr at highest risk of default warns CIBIL

लॉकडाउन: छोटे कारोबार को दिए 2.32 लाख करोड़ के कर्ज पर डिफॉल्ट का खतरा

Thu, 23 Apr 2020 06:09 AM IST
संदीप भट्ट बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संदीप भट्ट Updated Thu, 23 Apr 2020 06:09 AM IST
सार

  • ट्रांसयूनियन सिबिल ने कहा, लॉकडाउन से छोटे उद्योगों की वित्तीय स्थिति चिंताजनक
  • 17.94 लाख करोड़ का कुल बकाया है 50 करोड़ से कम कर्ज वाले उद्योगों पर
  • 12.6 फीसदी पहुंच गया है छोटे उद्योगों का कुल एनपीए अनुपात बढ़कर 

विज्ञापन
Coronavirus Outbreak: Small business credit worth Rs 2.32 lakh cr at highest risk of default warns CIBIL

विस्तार

कोविड-19 महामारी के कारण छोटे कारोबारियों को दिए गए 2.32 लाख करोड़ के कर्ज पर डिफॉल्ट होने का खतरा सबसे ज्यादा है। इसके अलावा, 10 लाख रुपये से कम के बकाया कर्ज भुगतान पर भी संकट नजर आ रहा है। क्रेडिट से जुड़ी जानकारियां देने वाली कंपनी ट्रांसयूनियन सिबिल ने बुधवार को कहा कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कम-से-कम 40 दिन तक चलने वाले लॉकडाउन की वजह से छोटे उद्योगों के वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। 

विज्ञापन


ट्रांसयूनियन सिबिल ने अपने अध्ययन में कहा, वर्तमान में 50 करोड़ रुपये से कम कर्ज वाले सभी उद्योगों पर कर्जदाताओं के कुल 17.94 लाख करोड़ रुपये बकाया है। यह कुल कर्ज बकाये का 28 फीसदी है। ब्यूरो ने वित्तीय स्वास्थ्य के आकलन के लिए 10 लाख रुपये से कम बकाया वाले उद्योगों को शामिल करने को एक उन्नत पद्धति की शुरुआत की है। 

विज्ञापन

13,600 करोड़ के कर्ज पर भी जोखिम

अध्ययन में बताया गया है कि 10 लाख रुपये से कम बकाया वाले उद्योगों पर कुल 93,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इनमें से 13,600 करोड़ रुपये के कर्ज पर भी सबसे ज्यादा जोखिम है। कोरोना संकट के कारण मौजूदा हालात को देखते हुए ये कर्ज भी एनपीए बन सकते हैं। छोटे उद्योगों के कुल एनपीए अनुपात में पिछले कुछ वर्षों में तेजी आई है और दिसंबर, 2019 तक बढ़कर यह 12.6 फीसदी पर पहुंच गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नई चुनौतियां पेश कर रहा कोरोना...

Coronavirus Outbreak: Small business credit worth Rs 2.32 lakh cr at highest risk of default warns CIBIL

ट्रांसयूनियन सिबिल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी राजेश कुमार का कहना है कि कोविड-19 संकट कारोबार और खासतौर पर छोटे उद्योगों के लिए नई चुनौतियां पेश कर रही है। ये चुनौतियां आर्थिक माहौल में अचानक बदलाव के लिहाज से अक्सर ज्यादा संवेदनशील होती हैं। एजेंसी ने कहा, सीएमआर-7 से सीएमआर-10 के उच्चतम जोखिम वाले दायरे में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का 2.32 लाख करोड़ रुपये का बकाया है। इसके एनपीए होने की आशंका सबसे ज्यादा है। 

आरबीआई के कदम से 90 लाख कारोबारियों को राहत

कोविड-19 संकट से निपटने के लिए आरबीआई ने उद्योगों का कर्ज भुगतान में तीन महीने की राहत दी है। इससे 50 करोड़ रुपये से कम कर्ज वाले 90 लाख कारोबारियों को राहत मिल सकती है। इनमें 10 लाख रुपये से कम कर्ज वाले 55 लाख उद्योग भी शामिल हैं। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि केंद्रीय बैंक की ओर से यह राहत बहुत महत्वपूर्ण समय में दी गई है। इससे न सिर्फ छोटे उद्योगों को मदद मिलेगी और अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed