{"_id":"5e9abc5f8ebc3e72b25989ba","slug":"coronavirus-impact-global-contraction-in-the-first-half-of-2020-inevitable-says-imf","type":"story","status":"publish","title_hn":"2020 की पहली छमाही में वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगेगा झटका, आ सकती है मंदी: IMF","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
2020 की पहली छमाही में वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगेगा झटका, आ सकती है मंदी: IMF
Sat, 18 Apr 2020 02:07 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sat, 18 Apr 2020 02:07 PM IST
विज्ञापन
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने आगाह किया है कि मौजूदा संकट ने कई उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (ईएमडीई) के नीति निर्माताओं के लिए ‘कठिन चुनौती’ पेश की है। आईएमएफ का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी फैलने से पहले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती थी पर अब इस महामारी की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था की हालत अधिक खस्ता हो गई है तथा 2020 में गंभीर आर्थिक संकुचन तय है।
विज्ञापन
विश्व बैंक और आईएमएफ की सालाना बैठक के दौरान विकास समिति बैठक को संबोधित करते हुए जॉर्जीवा ने कहा कि इस साल की पहली छमाही में वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट से बचा नहीं जा सकता।
विज्ञापन
आगे आईएमएफ की प्रबंध निदेशक ने कहा कि कोविड-19 ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ऐसे समय चोट की है जबकि वह पहले से ही व्यापार विवादों, नीतिगत मोर्च पर अनिश्चितता और भू राजनैतिक तनाव की वजह से काफी सुस्त रफ्तार से आगे बढ़ रही थी।
विज्ञापन
नीति निर्माताओं के लिए कठिन चुनौती
जॉर्जीवा ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस जैसा संकट पहले कभी देखने को नहीं मिला है। इससे कई उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के नीति निर्माताओं के लिए कठिन चुनौती पैदा की है।’’
इन देशों के लिए ज्यादा मुश्किल
उन्होंने कहा कि ऐसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह महामारी बड़ी चुनौती है, जहां सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर है, क्षमता में कमी और इस महामारी के प्रभावों को कम करने लिए नीतिगत मोर्चे पर कदम बढ़ाने की गुंजाइश भी कम बची है।
गंभीर मंदी का झटका
जॉर्जीवा ने कहा कि कोरोना वायरस से पहले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार काफी धीमी थी। अब 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर मंदी का झटका लगने वाला है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का मध्यम अवधि का परिदृश्य अनिश्चितता के बादलों से घिरा है।
संक्रमित मरीजों की संख्या 22 लाख 50 हजार के पार
मालूम हो कि दुनिया में कोरोना से मरने वालों की संख्या में रोज बढ़ोतरी हो रही है। इस वायरस से अब तक एक लाख 54 हजार से ज्यादा जानें जा चुकी हैं और संक्रमित मरीजों की संख्या 22 लाख 50 हजार से ज्यादा हो गई है, जबकि पांच लाख 71 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, इस वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 37 हजार से ज्यादा हो गई है और सात लाख 10 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।