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लॉकडाउन से भारतीय अर्थव्यवस्था को हो सकता है नौ लाख करोड़ रुपये का नुकसान
Wed, 25 Mar 2020 03:08 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Wed, 25 Mar 2020 03:08 PM IST
सार
- देश में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है।
- इससे अर्थव्यवस्था को नौ लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
- यह भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के चार फीसदी के बराबर है।
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कोरोना वायरस का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए पूरे देश में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है। अभी तक भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 562 हो गई है। इनमें से 512 लोगों का इलाज चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में की गई बंदी (लॉकडाउन) से अर्थव्यवस्था को 120 अरब डॉलर यानी करीब नौ लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
नौ लाख करोड़ रुपये भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के चार फीसदी के बराबर है। उन्होंने राहत पैकेज की जरूरत पर जोर देते हुए बुधवार को आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में भी कटौती की। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक तीन अप्रैल को अगली द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के निष्कर्षों की घोषणा करने वाला है।
आरबीआई कर सकता है नीतिगत दर में कटौती
विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नीतिगत दर में बड़ी कटौती कर सकता है। यह भी मानकर चलना चाहिए कि राजकोषीय घाटा का लक्ष्य अब पार हो जाना तय है।
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बार्कलेज ने घटाया वृद्धि दर का अनुमान
शोध-सलाह कंपनी बार्कलेज ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए वृद्धि दर के अनुमान में 1.7 फीसदी की कटौती कर इसके 3.5 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। उसने कहा कि, 'हमारा अनुमान है कि राष्ट्रव्यापी बंदी की कीमत करीब 120 अरब डॉलर यानी जीडीपी के चार फीसदी के बराबर रह सकती है।'
कंपनी ने कहा कि केंद्र सरकार की तीन सप्ताह की बंदी से ही 90 अरब डॉलर का नुकसान होगा। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र जैसे कई राज्य पहले ही बंदी कर चुके हैं, उससे भी नुकसान होगा।
Fitch ने घटाया था अनुमान
इससे पहले फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने देश की GDP विकास दर का अनुमान घटाया था। रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए GDP ग्रोथ को घटाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। इससे पहले फिच रेटिंग्स ने दिसंबर 2019 में भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 5.6 फीसदी लगाया था।
Moody's ने भी घटाई रेटिंग
रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने भी भारत की विकास दर का अनुमान घटाया है। दरअसल वैश्विक मंदी के खतरे से होने वाले प्रभाव को देखते हुए मूडीज ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 5.4 से घटा कर 5.3 कर दिया है।
S&P ने इतना जताया अनुमान
S&P ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने 2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 5.2 फीसद कर दिया है। S&P की तरफ से यह भी कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी के चलते दुनियाभर की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में जा रही है। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एजेंसी ने 2020 में भारत के जीडीपी ग्रोथ को 5.7 फीसद की रेटिंग दी थी।
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नौ लाख करोड़ रुपये भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के चार फीसदी के बराबर है। उन्होंने राहत पैकेज की जरूरत पर जोर देते हुए बुधवार को आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में भी कटौती की। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक तीन अप्रैल को अगली द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के निष्कर्षों की घोषणा करने वाला है।
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आरबीआई कर सकता है नीतिगत दर में कटौती
विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नीतिगत दर में बड़ी कटौती कर सकता है। यह भी मानकर चलना चाहिए कि राजकोषीय घाटा का लक्ष्य अब पार हो जाना तय है।
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बार्कलेज ने घटाया वृद्धि दर का अनुमान
शोध-सलाह कंपनी बार्कलेज ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए वृद्धि दर के अनुमान में 1.7 फीसदी की कटौती कर इसके 3.5 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। उसने कहा कि, 'हमारा अनुमान है कि राष्ट्रव्यापी बंदी की कीमत करीब 120 अरब डॉलर यानी जीडीपी के चार फीसदी के बराबर रह सकती है।'
कंपनी ने कहा कि केंद्र सरकार की तीन सप्ताह की बंदी से ही 90 अरब डॉलर का नुकसान होगा। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र जैसे कई राज्य पहले ही बंदी कर चुके हैं, उससे भी नुकसान होगा।
Fitch ने घटाया था अनुमान
इससे पहले फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने देश की GDP विकास दर का अनुमान घटाया था। रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए GDP ग्रोथ को घटाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। इससे पहले फिच रेटिंग्स ने दिसंबर 2019 में भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 5.6 फीसदी लगाया था।
Moody's ने भी घटाई रेटिंग
रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने भी भारत की विकास दर का अनुमान घटाया है। दरअसल वैश्विक मंदी के खतरे से होने वाले प्रभाव को देखते हुए मूडीज ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 5.4 से घटा कर 5.3 कर दिया है।
S&P ने इतना जताया अनुमान
S&P ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने 2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 5.2 फीसद कर दिया है। S&P की तरफ से यह भी कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी के चलते दुनियाभर की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में जा रही है। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एजेंसी ने 2020 में भारत के जीडीपी ग्रोथ को 5.7 फीसद की रेटिंग दी थी।