{"_id":"65823477d8ef2fbe7c02ea97","slug":"cop28-india-committed-to-meeting-the-energy-needs-of-its-people-bhupendra-yadav-2023-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"COP28: भारत अपने लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध, कॉप 28 सम्मेलन में बोले भूपेंद्र यादव","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
COP28: भारत अपने लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध, कॉप 28 सम्मेलन में बोले भूपेंद्र यादव
Wed, 20 Dec 2023 05:55 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 20 Dec 2023 05:55 AM IST
सार
यादव ने कहा कि पिछले सप्ताह दुबई में सीओपी 28 में देश जीवाश्म ईंधन से दूर संक्रमण पर एक ऐतिहासिक समझौते पर पहुंचे, जबकि भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने कोयले को लक्षित करने का कड़ा विरोध किया।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत अपने लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जब तक वह विकसित देश का दर्जा हासिल नहीं कर लेता तब तक कोयले से पैदा होने वाली बिजली पर निर्भर रहेगा।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने संयुक्त अरब अमीरात में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में जीवाश्म ईंधन के उपयोग को समाप्त करने के लिए विकसित देशों के दबाव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों की ऊर्जा जरूरतों को सिर्फ तेल और गैस से पूरा नहीं किया जा सकता है। भारत बिजली उत्पादन में 70% कोयले पर निर्भर है और जल्द उत्पादन क्षमता में 17 गीगावाट जोड़ने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
दुबई के सीओपी 28 में हुए ऐतिहासिक समझौते
यादव ने कहा कि पिछले सप्ताह दुबई में सीओपी 28 में देश जीवाश्म ईंधन से दूर संक्रमण पर एक ऐतिहासिक समझौते पर पहुंचे, जबकि भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने कोयले को लक्षित करने का कड़ा विरोध किया। समझौते में 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने और ऊर्जा दक्षता दरों को दोगुना करने का आह्वान किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को तोड़ने से बचने के लिए महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
किसी देश पर हुक्म नहीं चला सकते विकसित देश
यादव ने कहा कि भारत नई और निर्बाध कोयला बिजली उत्पादन पर सीमाएं लगाने के अमीर देशों के आह्वान का कड़ा विरोध करता है। हमने कहा कि आप किसी भी देश पर हुक्म नहीं चला सकते या उसे बांध नहीं सकते। वैश्विक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का लगभग 40 फीसदी कोयले से होता है, शेष प्रतिशत तेल और गैस के कारण होता है। यादव ने कहा, भारत समेत विकासशील देशों ने अमीर देशों को जलवायु कार्रवाई में नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया। इसी कारण दुबई में जलवायु सम्मेलन को आगे बढ़ाया गया।
वैश्विक आबादी में भारत की हिस्सेदारी 17 फीसदी
यादव ने कहा, वैश्विक आबादी में भारत की हिस्सेदारी 17% है, लेकिन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में इसका योगदान सिर्फ 4% है। गरीबी उन्मूलन कई देशों के लिए प्राथमिकता है। इसलिए, हमने विकसित देशों के दबाव (जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए) के आगे घुटने नहीं टेके। मंत्री ने कहा कि विकसित देशों, जो ऐतिहासिक उत्सर्जन (औद्योगिक क्रांति की शुरुआत के बाद से) के एक बड़े हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं, को विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद के लिए वित्त व तकनीकी मदद प्रदान करने की आवश्यकता है।
पीएम के नेतृत्व में भारत ने हासिल किया वैश्विक कद
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक कद हासिल किया है। दुनिया ने जलवायु कार्रवाई, नवाचार और प्रौद्योगिकी में इसके नेतृत्व को पहचाना है। भारत सिर्फ 615 करोड़ खर्च करके सफलतापूर्वक चंद्रमा पर पहुंच गया। चंद्रयान-3 के साथ भारत की अंतरिक्ष यात्रा से सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्षों में से एक आत्मनिर्भरता का महत्व है, जबकि इसके प्रारंभिक मिशन अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर निर्भर थे। यादव ने कहा, दुनिया ने कोरोना से निपटने में भारत के प्रयासों की सराहना की। आईएमएफ, विश्व बैंक और अन्य वैश्विक संगठनों ने चीन और अमेरिका को पीछे छोड़ भारत के आर्थिक सुधार को स्वीकार किया है।