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बड़ा फैसला: कंपनियों को बताना होगा पैकेट बंद उत्पादों का प्रति इकाई मूल्य, अप्रैल से लागू होंगे नए नियम
Tue, 09 Nov 2021 03:06 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 09 Nov 2021 03:06 AM IST
सार
उपभोक्ता मंत्रालय ग्राहकों की सहूलियत के लिए पांच साल बाद पैकेट बंद उत्पाद पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य के नियम में संशोधन करने वाला है। इससे पहले 2017 में पैकेट पर मूल्य अंकित करने के नियम बदले थे।
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एमआरपी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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विस्तार
ग्राहकों की सहूलियत के लिए उपभोक्ता मंत्रालय अगले वित्तवर्ष से नया नियम लागू करने जा रहा है। इसके तहत किसी पैकेट बंद उत्पाद पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के साथ कंपनियों को प्रति इकाई कीमत भी बतानी होगी। उपभोक्ताओं को अभी चावल, आटा, बिस्कुट जैसे पैकेट बंद उत्पाद खरीदने पर उसकी प्रति इकाई कीमत का पता नहीं चल पाता।
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उपभोक्ता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अप्रैल, 2022 से पैकेट बंद उत्पादों पर कंपनियों को अधिकतम खुदरा मूल्य के साथ उसकी प्रति इकाई कीमत भी बतानी होगी। इससे पता चलेगा कि किसी कंपनी का उत्पाद अन्य कंपनी के मुकाबले सस्ता है अथवा महंगा। अभी ग्राहक अगर 3.5 किलोग्राम के आटे का पैकेट या 88 ग्राम के बिस्कुट का पैकेट खरीदता है, तो उसे सिर्फ अधिकतम खुदरा मूल्य ही लिखा मिलता है। नया नियम लागू होने के बाद कंपनियों को यह भी बताना होगा कि आटे का प्रति किलोग्राम या बिस्कुट की प्रति ग्राम क्या कीमत वसूली जा रही है। इससे ग्राहकों को फैसला लेने में आसानी होगी।
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19 तरह की कमोडिटी पर लागू होंगे नियम
सरकार पैकेट बंद उत्पाद के विधि नियम, 2011 में संशोधन करने जा रही है, जिसके तहत शुरुआत में 19 तरह की कमोडिटी को शामिल किया जाएगा। अगर किसी पैकेट का भार एक किलोग्राम से ज्यादा है, तो उस पर प्रति किलोग्राम मूल्य अंकित करना होगा, जबकि एक किलोग्राम से कम भार वाले पैकेट पर प्रति ग्राम मूल्य अंकित करना जरूरी होगा। कंपनियां चावल और आटे जैसे उत्पादों को 100 ग्राम, 200 ग्राम, 500 ग्राम, एत किलोग्राम, 1.25 किलोग्राम, 1.5 किलोग्राम, 1.75 किलोग्राम, जो किलोग्राम और पांच किलोग्राम के पैकेट में जारी करेंगी। इसके बाद पांच किलो के गुणक यानी 10, 15, 20 किलोग्राम के पैकेट देने होंगे।
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मूल्य में हेराफेरी पर जारी होगा नोटिस
अधिकारी के अनुसार, कंपनियों को पैकेट पर xx.xx फॉर्मेट में ही मूल्य अंकित करना होगा। अगर कोई कंपनी सिर्फ xx फॉर्मेट में ही कीमत बताती है और .xx नही लिखती, तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। तीसरे बदलाव के तहत कंपनी को पैकेट पर इकाई या संख्या को भी तय फॉर्मेट में बताना होगा, जो xxN अथवा xxU होगा। अगर कोई कंपनी xxNO अथवा xxUO लिखती है, तो इसे भी नियमों का उल्लंघन मानकर नोटिस जारी किया जाएगा। चौथा बदलाव आयातित उत्पादों के लिए है, जिस पर कंपनियों को सिर्फ विनिर्माण की तिथि लिखनी होगी। अभी आयात, पैकेजिंग और विनिर्माण तिथि तीनों का विकल्प मिलता है।