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ट्रेन की गलत जानकारी देना आईआरसीटीसी को पड़ा महंगा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 13 Aug 2016 05:03 AM IST
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IRCTC
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उपभोक्ता न्यायालय ने एक उपभोक्ता की शिकायत पर आईआरसीटीसी पर टिकट व आरटीआी के मूल्य के साथ व्यक्ति को हर्जाने के रूप में 7 हजार रुपये देने के निर्देश दिये हैं। न्यायालय ने व्यक्ति को गलत ट्रेन सूचना देने पर रेल मंत्रालय को यह फैसला सुनाया है।
मामला महाराष्ट्र के नवी मुंबई का है जहां गोपाल बजाज ने 5 मई 2013 को आईआरसीटीसी की वेबसाइट से अमरावती से मुंबई जाने के लिए नागपुर-मुंबई एक्सप्रेस का टिकट बुक किया था। जिसके लिए उन्होंने रेल मंत्रालय को वेबसाइट के माध्यम से 300 रुपयों का भुगतान किया था और उन्हें एसएमएस के माध्यम से पीएनआर नंबर प्राप्त हुआ था।
लेकिन जब वह अमरावती स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिए सात बज कर चालीस मिनट पर पहुंचे तो उन्हें सूचना मिली कि गाड़ी निश्चित समय से साढ़े चार घंटे देरी से आयेगी। उन्हें अगले दिन ऑफिस पहुंचना था लेकिन इस वजह से उन्हें टिकट लेकर जनरल से यात्रा करनी पड़ी जिससे उन्हें काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। इसकी शिकायत उन्होंने उपभोक्ता फोरम से की और फैसले के तहत उन्हें रेल मंत्रालय की तरफ से 7 हजार रुपये मिलेंगे।
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मामला महाराष्ट्र के नवी मुंबई का है जहां गोपाल बजाज ने 5 मई 2013 को आईआरसीटीसी की वेबसाइट से अमरावती से मुंबई जाने के लिए नागपुर-मुंबई एक्सप्रेस का टिकट बुक किया था। जिसके लिए उन्होंने रेल मंत्रालय को वेबसाइट के माध्यम से 300 रुपयों का भुगतान किया था और उन्हें एसएमएस के माध्यम से पीएनआर नंबर प्राप्त हुआ था।
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लेकिन जब वह अमरावती स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिए सात बज कर चालीस मिनट पर पहुंचे तो उन्हें सूचना मिली कि गाड़ी निश्चित समय से साढ़े चार घंटे देरी से आयेगी। उन्हें अगले दिन ऑफिस पहुंचना था लेकिन इस वजह से उन्हें टिकट लेकर जनरल से यात्रा करनी पड़ी जिससे उन्हें काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। इसकी शिकायत उन्होंने उपभोक्ता फोरम से की और फैसले के तहत उन्हें रेल मंत्रालय की तरफ से 7 हजार रुपये मिलेंगे।
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