400 जिलों में पहुंचेगी CNG-PNG की सप्लाई, सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट प्रस्ताव
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अगले कुछ सालों में देश के सभी जिलों में सीएनजी और पीएनजी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार कर लिया, जिस पर राज्य सरकारों से राय ली जाएगी। इस प्रस्ताव के अनुसार सभी जिलों में इस गैस के दाम एक समान होंगे और समयबद्ध तरीके से जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को शुरू किया जाएगा।
यह भी दिया है प्रस्ताव में
केंद्र सरकार ने राज्यों को शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए ग्रीन कॉरिडोर की स्थापना और गैस आधारित वाहनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर भी जोर दिया है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की तरह ही इसको भी बढ़ाना चाहती है, ताकि लोग पेट्रोल-डीजल की जगह ट्रांसपोर्टेशन में इसका इस्तेमाल करें।
90 हजार करोड़ रुपये का होगा निवेश
इस प्रोजेक्ट पर करीब 90 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसके जरिए चार सौ जिलों की 70 फीसदी आबादी को कवर किया जाएगा। सीएनजी और पीएनजी के इस्तेमाल से लोग स्वच्छ हवा में सांस ले सकेंगे। इससे एलपीजी पर भी निर्भरता कम होगी। पेट्रोलिय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पॉलिसी को जल्द जारी करेंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार शहरों में गैस लाइसेंस की केंद्र सरकार नीलामी करती है, लेकिन लाइसेंस लेने वाली कंपनियों को राज्य सरकारों से भी बहुत तरह की मंजूरी लेनी पड़ती है। जमीन की उपलब्धता और पाइपलाइन बिछाने के लिए राज्य सरकारें मंजूरी देती हैं। इसमें कई बार देरी हो जाती है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की लागत पर असर पड़ता है। इससे कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर उनका लाइसेंस रद्द भी करना पड़ता है।
ऐसे में कंपनियों को दिक्कत न हो, इसलिए यह पॉलिसी लाई गई है, जिससे कंपनियां समय पर सीएनजी स्टेशन को चालू कर सकें और पीएनजी को घर-घर तक पहुंचा सकें।
कम लगेगा कर
पॉलिसी में करों को कम करने, रजिस्ट्रेशन शुल्क को शून्य करने और गैस आधारित गाड़ियों से टोल नहीं वसूलना शामिल है। वहीं वैट दर को कम करने का प्रस्ताव है, ताकि सीएनजी की कीमतें सभी राज्यों में एक समान रहे। कंपनियों का कहना है कि सिंगल विंडो सिस्टम से उनको काफी फायदा मिलेगा।