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Chinese Loan App: चीनी लोन एप ने RBI नियमों को किया दरकिनार, बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा, ईडी चार्जशीट में दावा

Fri, 17 Mar 2023 08:25 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 17 Mar 2023 08:25 PM IST
सार

Chinese Loan App Case: ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग मामला बेंगलुरु पुलिस सीआईडी की ओर से दर्ज कई एफआईआर से संबंधित है। ये एफआईआर ऐसे ग्राहकों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थी, जिन्होंने ऋण लिया था और इन धन उधार देने वाली कंपनियों के रिकवरी एजेंटों से उत्पीड़न का शिकार हुए थे।

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Chinese loan app case: ED charge sheet against Razorpay, fintech firms, NBFCs on money laundering charges
प्रवर्तन निदेशालय। - फोटो : ANI

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पेमेंट गेटवे रेजरपे व चीनी नागरिकों के स्वामित्व वाली तीन फिनटेक कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर कहा है कि इन कंपनियों ने बड़ी संख्या में लोगों के साथ फर्जीवाड़ा किया है। ईडी ने तीन गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और पांच अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया है। ईडी ने कहा, इन कंपनियों ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के उचित व्यवहार संहिता का भी उल्लंघन किया है।

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कर्ज देने वाले चीनी एप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच के दौरान ईडी ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की थी। ईडी ने रेजरपे सॉफ्टवेयर प्रा.लि. को भी आरोपी बनाया है। बंगलूरू की विशेष मनी लॉन्ड्रिंग अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लिया है। ईडी ने जांच में पाया कि फिनटेक कंपनियों ने डिजिटल ऋण देने वाले एप के जरिये कर्ज वितरण के लिए संबंधित एनबीएफसी के साथ समझौता किया था। वास्तव में ये फिनटेक कंपनियां पैसे उधार देने का कारोबार अवैध रूप से चला रही थीं। इन एनबीएफसी ने जानबूझकर इन फर्मों को उनके आचरण के बारे में सावधान किए बगैर कमीशन लेने के लिए अपने नाम का उपयोग करने दिया।
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ईडी जब्त कर चुका है 77.25 करोड़
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में अब तक बैंक खातों और पेमेंट गेटवे में रखे 77.25 करोड़ रुपये का फंड दो बार में अटैच कर चुका है।

तीन गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और पांच अन्य के खिलाफ भी आरोपपत्र
ईडी अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया, आरोपी कंपनियों में चीनी नागरिकों के नियंत्रण वाली मैड एलिफेंट नेटवर्क टेक्नोलॉजी प्रा. लि., बारयोनिक्स टेक्नोलॉजी प्रा. लि. और क्लाउड एटलस फ्यूचर टेक्नोलॉजी प्रा. लि. फिनटेक कंपनियां शामिल हैं। इनके अलावा तीन एनबीएफसी में एक्स10 फाइनेंशियल सर्विसेज प्रा. लि., ट्रैक फिन एड प्रा. लि. और जमनादास मोरारजी फाइनेंस प्रा. लि. को आरोपी बनाया गया है।
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रिकवरी एजेंट के जरिये धमकाती थीं कंपनियां
ईडी ने बंगलूरू पुलिस की सीआईडी की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शरू की है। इन चीनी एप से कर्ज लेने वाले कई ग्राहकों ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि ये कंपनियां रिकवरी एजेंट भेजकर उन्हें धमका रही हैं। ये रिकवरी एजेंट कर्ज लेने वालों के साथ बदसलूकी करते थे। कई मामलों में कर्ज लेने वालों ने खुदकुशी तक की थी।


फर्जी पते पर चल रही थीं कंपनियां
ईडी ने जांच में पाया कि इन कंपनियों ने केवाईसी दस्तावेज में फर्जी पते जमा किए हैं। ये कंपनियां भारतीयों के जाली दस्तावेज का इस्तेमाल कर उन्हें डमी निदेशक बना कर अवैध कारोबार चला रही थीं।

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