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CII: सीईए ने कहा- सरकारी कंपनियों ने बहुत निवेश किया, अब निजी क्षेत्र को खर्च बढ़ाने की जरूरत
Sat, 10 Dec 2022 05:58 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 10 Dec 2022 05:58 AM IST
सार
नागेश्वरन ने कहा कि यह तय करने की जरूरत है कि क्या सरकारी कंपनियों का उसी गति से निवेश को बढ़ाना जारी रखा जाए या निजी क्षेत्र को अर्थव्यवस्था में ‘पूंजी निर्माण के प्राथमिक इंजन’ के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जाए।
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वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन।
- फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि निजी क्षेत्र को निवेश बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि पिछले दशक की तरह उसी गति से निवेश जारी रखना सरकारी क्षेत्र के लिये संभवत: अच्छा नहीं होगा। केंद्र, राज्यों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का संयुक्त रूप से निवेश पिछले 10 साल में 3.5 गुना बढ़कर 21.2 लाख करोड़ रुपये हो गया। इससे पहले 6.8 लाख करोड़ रुपये था।
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भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सम्मेलन में नागेश्वरन ने कहा कि दशक के दौरान जब वित्तीय क्षेत्र से इतर कंपनियां और बैंक अपने बही-खातों को दुरुस्त कर रहे थे, उस समय सरकारी कंपनियों ने मोर्चा संभाला था। साथ ही इस सदी के दूसरे दशक के दौरान आर्थिक वृद्धि को बनाए रखा। यह स्थिति मौजूदा दशक में भी जारी है। उन्होंने कहा कि यह तय करने की जरूरत है कि क्या सरकारी कंपनियों का उसी गति से निवेश को बढ़ाना जारी रखा जाए या निजी क्षेत्र को अर्थव्यवस्था में ‘पूंजी निर्माण के प्राथमिक इंजन’ के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जाए।
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वर्तमान में कॉरपोरेट का बही-खाता और लाभ मजबूत है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बही-खातों को दुरुस्त किया गया है। इससे वे कर्ज देने को तैयार हैं। इसीलिए सरकारी कंपनियों के लिये संभवत: यह बेहतर नहीं होगा कि वे उसी गति से निवेश बनाए रखें, जैसा कि अब तक किया गया है।
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