{"_id":"63307226ef45d729c94acaa2","slug":"centre-withdraw-multiple-incentives-and-allowances-ais-officers-for-posting-in-the-north-east-region","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्मिक मंत्रालय: पूर्वोत्तर में पोस्टिंग वाले एआईएस अधिकारियों के कई भत्ते वापस, केंद्र का फैसला","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
कार्मिक मंत्रालय: पूर्वोत्तर में पोस्टिंग वाले एआईएस अधिकारियों के कई भत्ते वापस, केंद्र का फैसला
Sun, 25 Sep 2022 10:52 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 25 Sep 2022 10:52 PM IST
विज्ञापन
ministry of personnel public grievances and pensions
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्मिक मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में पोस्टिंग के लिए अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) अधिकारियों को दिए जाने वाले भत्तों को लेकर बड़ा फैसला किया है। मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, केंद्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में पोस्टिंग के लिए अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) अधिकारियों को दिए जाने वाले कई प्रोत्साहनों और भत्तों को वापस लेने का फैसला किया है। यह आदेश 23 सितंबर से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
विज्ञापन
इससे पहले सरकार ने 10 फरवरी 2009 को इस विशेष भत्ते के लिए एक आदेश जारी किया था। जिसे विशेष भत्ता कहा जाता है। इसमें तीन अखिल भारतीय सेवाओं में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) शामिल है। सूत्रों की मानें तो पूर्वोत्तर राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार को इस फैसले की वजह बताया जा रहा है।
विज्ञापन
डीओपीटी के आदेश के मुताबिक, केंद्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्रों में तैनात आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन और विशेष भत्ते को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। आदेश में कहा गया कि अखिल भारतीय सेवाओं के पूर्वोत्तर कैडर के अधिकारियों को पूर्वोत्तर क्षेत्र में काम करने के दौरान दिए जाने वाले एक विशेष भत्ते को भी वापस ले लिया गया है, जो अन्य भत्तों के अलावा उनके मूल वेतन के 25 फीसदी की दर से दिया जाता है।
विज्ञापन