GST 2.0: जीएसटी में दो स्लैब का प्रस्ताव; जरूरी सामानों पर लगेगा पांच और 18% कर, लग्जरी उत्पादों पर 40% टैक्स
Revamped GST Regime: केंद्र सरकार ने जीएसटी में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। इस नए ढांचे में केवल दो सामान्य टैक्स दरें होंगी, 5% और 18%; इसके अलावा लग्जरी और हानिकारक (शराब और तंबाकू, ड्रग्स, जुआ इत्यादि) वस्तुओं पर 40% का विशेष टैक्स लगेगा। यह नया सिस्टम इस साल दीवाली से पहले लागू करने की तैयारी है।
विस्तार
केंद्र सरकार ने जीएसटी व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए ढांचे में जीएसटी की दो मुख्य दरें होंगी, पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत। इसके अलावा, लक्जरी और हानिकारक वस्तुओं (जैसे शराब, तंबाकू आदि) पर 40 प्रतिशत का विशेष कर लगाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक- वर्तमान 12 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में आने वाली लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएं अब पांच प्रतिशत वाले स्लैब में चली जाएंगी। वहीं 28 प्रतिशत वाले स्लैब में आने वाली करीब 90 प्रतिशत वस्तुएं अब 18 प्रतिशत वाले स्लैब में आ जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से टैक्स संरचना सरल होगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।'
अभी क्या हैं जीएसटी की दरें?
फिलहाल, 0% टैक्स जरूरी खाद्य वस्तुओं पर, 5% रोजमर्रा की चीजों पर, 12% सामान्य सामान पर, 18% इलेक्ट्रॉनिक्स और सेवाओं पर, और 28% लग्जरी/हानिकारक वस्तुओं पर लगता है। नए सिस्टम में 12% और 28% की दरें खत्म हो जाएंगी। वर्तमान जीएसटी ढांचे में सबसे ज्यादा कमाई (65%) 18% टैक्स स्लैब से होती है, जबकि 28% वाले लग्जरी/हानिकारक सामान से 11%, 12% वाले स्लैब से 5%, और 5% वाले रोजमर्रा के सामान से 7% योगदान आता है।
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जीएसटी ढांचे में बड़े बदलाव से सरकार को उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, सरकार को उम्मीद है कि जीएसटी ढांचे में बड़े बदलाव से लोगों की खपत (खरीदारी और इस्तेमाल) बढ़ेगी, जिससे टैक्स दरों में कमी से होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई हो जाएगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं और आम आदमी के इस्तेमाल वाले सामान पर अब सिर्फ 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। नई व्यवस्था में तंबाकू उत्पादों पर 40 फीसदी जीएसटी लगाया जाएगा, लेकिन टैक्स का कुल बोझ अभी के स्तर- यानी 88 फीसदी पर ही रहेगा। वहीं, पेट्रोलियम उत्पादों को अभी भी जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जाएगा और उन पर पहले की तरह अलग टैक्स लगेगा। हीरे और कीमती पत्थरों जैसे श्रम-प्रधान और निर्यात-उन्मुख सेक्टर में टैक्स दरें पहले जैसी ही रहेंगी।
ऑनलाइन गेमिंग पर लग सकता है सबसे ज्यादा टैक्स
केंद्र सरकार के प्रस्तावित जीएसटी सुधार में ऑनलाइन गेमिंग को 'हानिकारक वस्तुओं' की श्रेणी में रखा जा सकता है, जिस पर अधिकतम टैक्स दर लागू होगी। सूत्रों के मुताबिक, इस नए ढांचे से कपड़ा, खाद, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, हस्तशिल्प, कृषि, स्वास्थ्य और बीमा जैसे आठ सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
पीएम मोदी ने लाल किले से किया एलान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषणा की है कि जीएसटी सुधार दिवाली तक लागू कर दिए जाएंगे। इससे कर का बोझ काफी कम हो जाएगा और छोटे उद्योगों को लाभ होगा।घोषणा के तुरंत बाद वित्त मंत्रालय ने कहा कि मंत्रिसमूह के साथ साझा किया गया केंद्र का प्रस्ताव तीन स्तंभों पर आधारित है - संरचनात्मक सुधार, दरों को युक्तिसंगत बनाना और जीवन में आसानी। प्रस्ताव में आम आदमी की वस्तुओं और आकांक्षापूर्ण वस्तुओं पर करों में कटौती शामिल है।
टास्क फोर्स बनाने का भी एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'अगली पीढ़ी के सुधारों' और जीएसटी कानूनों में संशोधन के लिए एक कार्यबल के गठन की घोषणा की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर अपने 103 मिनट के भाषण का बड़ा हिस्सा सेमीकंडक्टर से लेकर उर्वरक तक कई क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित रखा। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य और अमेरिका की ओर से भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए उच्च टैरिफ के मद्देनजर ये घोषणाएं महत्वपूर्ण हैं।
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GST कानून के तहत कितना % लग सकता है टैक्स
जीएसटी कानून के तहत किसी भी वस्तु या सेवा पर अधिकतम 40% तक का टैक्स लगाया जा सकता है। वहीं मौजूदा कई जीएसटी दरों के कारण सप्लाई चेन में फर्जी बिल और टैक्स चोरी के मामले बढ़ रहे थे, जिन्हें नई संरचना से रोका जा सकेगा।