मास्क और सैनिटाइजर की कालाबाजारी पर बड़ा हमला, सरकार ने तय की कीमतें
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मोदी सरकार ने जरूरी चीजों को लेकर हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए एक ठोस कदम उठाया है। दरअसल कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए इन दिनों मास्क और हैंड सैनिटाइजर की मांग काफी तेजी से बढ़ गई है। ऐसे में जरुरतों को देखते हुए कई जगहों पर इसकी कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थी। ऐसे में सरकार ने इनकी कीमतों को तय कर दिया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान के ट्विटर अकाउंट पर किए गए ट्वीट में बताया गया है कि, हैंड सैनिटाइजर की 200 मिलीमीटर की बोतल की खुदरा कीमत 100 रुपये से अधिक नहीं होगी। ऐसे में दूसरी साइज की बोतलों की कीमत भी इसी अनुपात में रहेंगी। सरकार की तरफ से तय की गई ये कीमतें 30 जून 2020 तक देशभर में लागू रहेंगी।
मास्क की कीमतें भी हुई तय
रामविलास पासवान के दूसरे ट्वीट में कहा गया है कि, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 2 और 3 प्लाई मास्क में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक की कीमत वही रहेगी जो 12 फरवरी 2020 को थी। 2 प्लाई मास्क की खुदरा कीमत 8 रुपये प्रति मास्क और 3 प्लाई की कीमत 10 रुपये प्रति मास्क से अधिक नहीं होगी।
ट्वीट में आगे लिखा गया है कि, कोरोना वायरस #COVID19 के फैलने के बाद से बाजार में विभिन्न फेस मास्क, इसके निर्माण में लगने वाली सामग्री और हैंड सैनिटाइजर की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि देखी गई है। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए इनकी कीमतें तय कर दी हैं।
जरूरी सामान में शामिल हुए फेस मास्क और सैनिटाइजर
यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए सरकार ने मास्क और हैंड सैनिटाइजर को जरूरी उत्पादों की लिस्ट में शामिल कर किया था। हालांकि, बढ़ती मांग को देखते हुए इनकी कमी और कालाबाजारी के चलते यह कदम उठाया गया है।