राशन दुकानों के जरिए सस्ता प्याज बेचे दिल्ली सरकार, 31 अगस्त तक पूरा हो दाल का आयात
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केंद्र ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वह बफर स्टॉक से प्याज लेकर उसे नागरिक आपूर्ति विभाग और राशन की दुकानों के जरिए 23.90 रुपये प्रति किलो बेचे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज की ऊंची कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्याज 39-40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं, शहर में खुदरा विक्रेता गुणवत्ता और स्थान विशेष के आधार पर इसे 50 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं।
सरकार के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) के साथ मदर डेयरी बफर स्टॉक से प्याज लेकर राष्ट्रीय राजधानी में बेच रहे हैं। मदर डेयरी सफल दुकानों के जरिए प्याज 23.90 रुपये प्रति किलो बेच रही है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने दिल्ली सरकार से केंद्रीय बफर स्टॉक से प्याज लेकर नागरिक आपूर्ति विभाग और राशन की दुकानों के जरिए बेचने का आग्रह किया है। अधिकारी ने कहा कि राज्य की ओर से अधिकतम 23.90 रुपये प्रति किलो के भाव प्याज बेचा जा रहा है।
केंद्र से प्याज का स्टॉक 15 से 16 रुपये प्रति किलोग्राम पड़ रहा है। दिल्ली में प्रतिदिन 350 टन प्याज की जरूरत है, जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की जरूरत प्रतिदिन 650 टन प्याज की है। केंद्र ने इस साल 56,000 टन प्याज का बफर स्टॉक बनाया है। इसमें से 10,000-12,000 टन नाफेड, एनसीसीएफ और मदर डेयरी ने अब तक बेचा है। खरीफ उत्पादन कम होने से प्याज की कीमतों पर दबाव
कारोबारी 31 अगस्त तक पूरा करें दाल का आयात
वाणिज्य मंत्रालय ने कारोबारियों से दो टूक कहा है कि वे वित्त वर्ष 2019-20 के लिए दाल आयात का कोटा 31 अक्तूबर तक हर हाल में पूरा कर लें। मंत्रालय ने कारोबारियों की आयात अवधि बढ़ाने की मांग को भी खारिज कर दिया और 7 नवंबर तक दाल आयात की रिपोर्ट पेश करने को कहा है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने नोटिस जारी कर बताया है कि दाल आयात की खेप भारतीय बंदरगाहों पर 31 अक्तूबर तक आ जानी चाहिए और इसकी अवधि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए देश में हर साल 40 से 60 लाख टन दालों का आयात किया जाता है।