राजस्व संग्रह एवं करदाताओं की संख्या बढ़ाए आयकर विभाग: सीबीडीटी
- सीबीडीटी के नए चेयरमैन ने कर विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रमुखों को पत्र लिख कर आधार को व्यापक बनाने पर दिया जोर
- छोटे करदाताओं की परेशानियां दूर करने को विशेष प्रयास करें अधिकारी
- 11.5 लाख करोड़ रुपये चालू वित्त वर्ष में जुटाने हैं आयकर विभाग को
- 6 करोड़ से ज्यादा प्रत्यक्ष करदाता हैं वर्तमान में देश में
विस्तार
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के नए चेयरमैन पीसी मोदी ने आयकर विभाग से राजस्व संग्रह अधिकतम करने के साथ करदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए जोर-शोर से तैयारी करने को कहा है। उन्होंने कर अधिकारियों को छोटे करदाताओं को होने वाली परेशानियों और शिकायतों को दूर करने के लिए पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ विशेष प्रयास करने को कहा है।
नए चेयरमैन ने 26 फरवरी को कर विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रमुखों को लिखे गए आधिकारिक पत्र में कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता राजस्व संग्रह को बढ़ाना है। इसके अलावा कर आधार को व्यापक करने की आवश्यकता है।
केंद्र सरकार ने इस महीने की शुरुआत में उन्हें सीबीडीटी का चेयरमैन नियुक्त किया था। उन्होंने 15 फरवरी, 2019 को पदभार ग्रहण किया था और जून 2019 तक इस पद पर बने रहेंगे। सीबीडीटी के पूर्व चेयरमैन सुशील चंद्रा के चुनाव आयुक्त बनाए जाने के बाद उन्हें इस पद पर नियुक्ति दी गई है।
मानव संसाधनों के अनुकूल इस्तेमाल पर जोर
नए चेयरमैन ने अधिकारियों से बातचीत के दौरान कहा कि हमें भौतिक और मानव संसाधनों का अनुकूल इस्तेमाल भी सुनिश्चित करना है। क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रमुखों को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि देश में कर आधार बढ़ाने की पहल शुरू करने की जरूरत है। इसमें अधिकारियों की ओर से करदाता के साथ किसी भी तरह की मनमानी और उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
अधिक राजस्व संग्रह की उम्मीद
जानकारी के मुताबिक, फरवरी 2019 में पेश अंतरिम बजट में आयकर विभाग को 31 मार्च को खत्म हो रहे वित्त वर्ष 2018-19 में प्रत्यक्ष कर के रूप में 11.5 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य मिला है। सीबीटीडी के अधिकारियों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष खत्म होने में अभी एक महीना बचा है। ऐसे में इस दौरान राजस्व संग्रह तय लक्ष्य से जुटाए जाने की उम्मीद है।
त्रुटिहीन और मित्रतापूर्ण पहल जरूरी
वर्तमान में देश में छह करोड़ से ज्यादा प्रत्यक्ष करदाता हैं। केंद्र करदाताओं की इस संख्या को बढ़ाने के लिए विभाग को समय-समय पर निर्देश देता रहा है ताकि अधिक-से-अधिक लोग अपनी आयकर का भुगतान करें।
सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि हमारी पहल त्रुटिहीन, मित्रतापूर्ण, उद्देश्यपूर्ण और बिना किसी डर के होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करदाताओं में समय से गुणवत्तापरक सेवाओं का वितरण आयकर विभाग का दूसरा प्रमुख क्षेत्र है।
इससे पहले सीबीडीटी ने अगले दो साल में आयकर का ई-असेसमेंट शुरू करने की घोषणा की थी। इससे आयकर अधिकारी और करदाता का आमना-सामना नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।