{"_id":"635119672c0a19230c143ea7","slug":"cabinet-decision-mitr-will-be-made-on-the-lines-of-niti-aayog-in-maharashtra-criminal-cases-withdrawn","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cabinet Decision: महाराष्ट्र में नीति आयोग की तर्ज पर बनेगा MITR, आपराधिक मामले भी वापस","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Cabinet Decision: महाराष्ट्र में नीति आयोग की तर्ज पर बनेगा MITR, आपराधिक मामले भी वापस
Thu, 20 Oct 2022 07:19 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Thu, 20 Oct 2022 07:19 PM IST
सार
Cabinet Decision: एमआईटीआर महाराष्ट्र में केंद्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर कार्य करेगी। राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में एमआईटीआर एक सलाहकार के रूप में कार्य करेगा।
विज्ञापन
एकनाथ शिंदे (फाइल)
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र कैबिनेट ने महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन (MITR) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह संस्था केंद्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर कार्य करेगी। राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में एमआईटीआर एक सलाहकार के रूप में कार्य करेगा।
विज्ञापन
इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने 30 जून 2022 तक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर आंदोलन से संबंधित सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने का फैसला किया है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल ने अल्पसंख्यक विकास विभाग के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है जिसमें विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र क्षेत्रों में 2800 स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे और 1500 अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर, महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि कैबिनेट ने गुरुवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के दायरे से बाहर 75,000 पदों पर रिक्तियों को भरने का फैसला किया।
विज्ञापन
सीएमओ के बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार को सलाह देने के लिए नीति आयोग जैसी संस्था बनाने का भी फैसला किया गया है। कैबिनेट ने फैसला किया कि टीसीएस और आईबीपीएस 75,000 क्लास-बी, क्लास-सी और क्लास-डी अराजपत्रित कर्मचारियों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करेंगे।