Biz Updates: भारतीय मूल के निखिल रविशंकर होंगे एअर न्यूजीलैंड के सीईओ; अंडमान-निकोबार में पहली बार ईडी के छापे
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भारतीय मूल के निखिल रविशंकर एअर न्यूजीलैंड के सीईओ होंगे। वह 20 अक्तूबर को पदभार संभालेंगे। पांच वर्षों तक कंपनी से जुड़े रहने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। एयरलाइंस कंपनी ने बताया कि अभी निखिल एयरलाइन के मुख्य डिजिटल अधिकारी हैं। उन्होंने कंपनी की सेवाओं में जबरदस्त सुधार लाया है।
एअर न्यूजीलैंड ने कहा, निखिल ने विमानन क्षेत्र और एयरलाइन की गहरी समझ हासिल की है। उन्होंने एयरलाइन की तकनीकी रीढ़, लॉयल्टी प्रोग्राम और ग्राहक प्रस्ताव में भी बड़ी प्रगति का नेतृत्व किया है। निखिल ने कहा, एअर न्यूजीलैंड के नेतृत्व का अवसर पाकर रोमांचित हूं। गौरतलब है कि एअर न्यूजीलैंड और एअर इंडिया ने मार्च में घोषणा की थी कि वे 2028 के अंत तक दोनों देशों के बीच सीधी सेवा शुरू करने की संभावना तलाशेंगे। दोनों एयरलाइनों ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए थे। दोनों एयरलाइनों के बीच भारत, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच 16 रूटों पर एक नई कोडशेयर साझेदारी होगी।
बैंक धोखाधड़ी : अंडमान-निकोबार में पहली बार ईडी के छापे
प्रवर्तन निदेशालय ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पूर्व कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा से जुड़े कथित सहकारी बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में पहली बार बंगाल की खाड़ी में स्थित इस केंद्र शासित प्रदेश में छापे मारे।
ईडी अधिकारियों ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पोर्ट ब्लेयर और उसके आसपास के नौ स्थानों के अलावा कोलकाता में दो जगहों पर छापे मारे। यह मामला अंडमान निकोबार राज्य सहकारी बैंक और उसके उपाध्यक्ष कुलदीप शर्मा से संबंधित है।
सूत्रों ने बताया कि ईडी को कुछ दस्तावेज मिले हैं, जो एएनएससी बैंक की ओर से ऋण सुविधाएं प्रदान करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। कांग्रेस नेता शर्मा की भूमिका भी ईडी की जांच के दायरे में है। अंडमान पुलिस ने शर्मा को पुलिस ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा बैंक के महाप्रबंधक (एमडी) समेत सात लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
6,017 करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नोट अभी भी प्रचलन में
2,000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लिए जाने के दो साल बाद भी 6,017 करोड़ रुपये के नोट अब तक प्रचलन में हैं। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकी दी गई है। रिजर्व बैंक द्वारा मई 2023 में 2,000 रुये के नोटों को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने की घोषणा के बावजूद, बड़ी संख्या में ये नोट अभी तक जनता से वापस नहीं लिए जा सके हैं। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि प्रचलन में 2,000 रुपये के बैंक नोटों का कुल मूल्य, जो 19 मई, 2023 को कारोबार की समाप्ति पर 3.56 लाख करोड़ रुपये था, 31 जुलाई, 2025 को कारोबार की समाप्ति पर घटकर 6,017 करोड़ रुपये रह गया है।
आरबीआई के सभी लोगों के बैंक खातों में जमा करने के लिए 2,000 रुपये के बैंक नोट स्वीकार कर रहे हैं। इसके अलावा, आम जनता देश के किसी भी डाकघर से भारतीय डाक के माध्यम से 2,000 रुपये के नोट अपने बैंक खातों में जमा कराने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के किसी भी निर्गम कार्यालय को भेज सकती है।