Biz Updates: विनिर्माण-सेवा क्षेत्र की MSME ने दो करोड़ से ज्यादा लोगों को दिए रोजगार; पढ़ें कारोबार की खबरें
निजी कॉरपोरेट क्षेत्र का पूंजीगत खर्च चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 6.56 लाख करोड़ से लगभग 25 फीसदी घटकर 4.88 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, निजी कॉरपोरेट क्षेत्र में वास्तविक पूंजीगत खर्च 2021-22 में 3.94 लाख करोड़ रुपये, 2022-23 में 5.72 लाख करोड़ और 2023-24 में 4.22 लाख करोड़ रुपये था।
रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 से 2024-25 तक चार वर्ष की अवधि में कुल पूंजीगत खर्च 66.3 फीसदी बढ़ा है। 3,064 कंपनियों में से 2,172 ने कहा कि 2025-26 के लिए उनका इरादा पूंजीगत खर्च करने का है। हालांकि, उत्तरदाता पूंजीगत खर्च योजनाओं की घोषणा करने में सतर्कता बरत रहे हैं। निजी कॉरपोरेट क्षेत्र में प्रति कंपनी औसत सकल अचल संपत्ति (जीएफए) 2021-22 में 3,151.9 करोड़ रुपये अनुमानित की गई थी। 2022-23 में यह चार फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 3,279.4 करोड़ रुपये हो गई और 2023-24 में 27.5 फीसदी बढ़कर 4,183.3 करोड़ रुपये हो गई।
विनिर्माण-सेवा क्षेत्र की MSME ने दो करोड़ से ज्यादा लोगों को दिए रोजगार
विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के 20 कर्मचारियों की संख्या वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) ने बीते वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दो करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के पेरोल आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल, 2024 से फरवरी, 2025 की अवधि में इन छोटी कंपनियों के जरिये ईएमआईसी के तहत 2.09 करोड़ नए पंजीकरण हुए। मार्च का आंकड़ा आना अभी बाकी है। आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में हर महीने औसतन 19 लाख नए पंजीकरण हुए। इस आधार पर पूरे वित्त वर्ष के दौरान 2.28 करोड़ रोजगार पैदा हो सकते हैं, जो एक नया रिकॉर्ड बन सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा उन लोगों की संख्या को नहीं दर्शाता है, जो औपचारिक नौकरी बाजार से बाहर चले गए या नौकरी बदल ली। 2023-24 के दौरान ईएसआईसी के तहत कुल 2.21 करोड़ नए पंजीकरण हुए थे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, ईएसआईसी के तहत कर्मचारियों के नए पंजीकरणों में वृद्धि मुख्य रूप से नए जिलों में तेजी से विस्तार और बेहतर सेवाओं की वजह से हुई है। इससे कंपनियां और श्रमिक इसके दायरे में आ रहे हैं। अधिकारी ने कहा, ईएसआईसी में अधिकांश पंजीकरण 250 श्रमिकों तक वाले छोटे एवं मध्यम उद्यमों से थे।
सेबी ने साइबर सुरक्षा, साइबर लचीलापन ढांचे के तहत संस्थाओं का बंटवारा किया
नई दिल्ली बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को साइबर सुरक्षा और साइबर लचीलापन ढांचे (सीएससीआरएफ) के तहत योग्य पंजीकृत संस्थाओं को आकार और जोखिम स्तर के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा। सेबी ने वित्तीय बाज़ार संस्थाओं में साइबर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए अगस्त 2024 में CSCRF की शुरुआत की थी। तब से, कई संस्थाओं ने स्पष्टीकरण और समय विस्तार की मांग की है।