बिजनेस अपडेट्स: खनिज नीति की समीक्षा करेगी केंद्र सरकार; भारत में एपल का कारोबार एक लाख करोड़ पार
केंद्र सरकार बदलती क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप राष्ट्रीय खनिज नीति 2019 की समीक्षा करने की तैयारी में है। इसमें महत्वपूर्ण खनिजों और गहरे समुद्र में मौजूद खनिज संसाधनों जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, खान मंत्रालय ने नीति की व्यापक समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया है, जिसकी अध्यक्षता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव करेंगे।
एपल का कारोबार भारत में एक लाख करोड़ पार
वित्त वर्ष 2026 में आईफोन की मजबूत मांग और प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में तेजी के चलते एपल का भारत में कारोबार पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के मील के पत्थर को पार कर गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का परिचालन राजस्व 31% बढ़कर 1,03,853 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 66% उछलकर 5,311 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
केनबैंक फैक्टर्स का सौदा मार्च से पहले
केनरा बैंक के सीईओ ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि बैंक की अनुषंगी कंपनी केनबैंक फैक्टर्स की बिक्री चालू वित्त वर्ष के दौरान पूरी होने की उम्मीद है। इससे लगभग 80.5 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। बैंक के निदेशक मंडल ने 29 अगस्त को गैर-सूचीबद्ध अनुषंगी कंपनी केनबैंक फैक्टर्स लिमिटेड को 80.5 करोड़ रुपये में विद्वेदा प्राइवेट लि. को बेचने का फैसला किया था।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने एआई की मदद से आवाज की नकल, डीपफेक और फिशिंग यानी फर्जी संदेशों के जरिये गोपनीय जानकारी चुराने की कोशिश जैसी साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंक ने ग्राहकों को ऐसे मामलों में सावधानी बरतने और किसी भी संदेश या कॉल पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करने की सलाह दी है।
यस बैंक के अतिरिक्त टियर-1 (एटी-1) बॉन्ड को बहाल करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बैंक की मुख्य पूंजी और मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है। मूडीज रेटिंग्स के मुताबिक, सितंबर 2026 के आधार पर बैंक का कॉमन इक्विटी टियर-1 (सीईटी-1) पूंजी अनुपात 13.7 फीसदी से घटकर 11.4 फीसदी रह सकता है। हालांकि, एजेंसी ने बैंक की दीर्घकालिक विदेशी और स्थानीय मुद्रा जमा रेटिंग बीए1 पर बरकरार रखी है। एटी-1 बॉन्ड की बहाली से बैंक की पूंजी स्थिति कमजोर होगी और मुनाफे पर एकमुश्त नकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि, टियर-1 पूंजी अनुपात में बदलाव की उम्मीद नहीं है, क्योंकि बहाल बॉन्ड नियामकीय पूंजी में शामिल रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्तूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए यस बैंक, आरबीआई व केंद्र की अपीलें खारिज कर दी थीं। अदालत ने कहा था कि बॉन्ड को राइट-ऑफ करने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।