Biz Updates: एआई अपनाने से IT क्षेत्र की भर्तियों में 16 फीसदी का उछाल; भारत-न्यूजीलैंड के बीच FTA पर हुई बात
आईटी क्षेत्र में अप्रैल में भर्तियां सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़ी हैं। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने, क्लाउड आधुनिकीकरण और वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के निरंतर विस्तार जैसे कारकों से प्रेरित है। द फाउंडइट इनसाइट्स ट्रैकर (फिट) की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले महीने भारत में आईटी नियुक्तियों में वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्षों के उतार-चढ़ाव से तेज वापसी को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, जीसीसी ने इस भर्ती वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने 2024-25 में 1,10,000 से अधिक नई तकनीकी नौकरियों का योगदान दिया है। डाटा इंजीनियरिंग, डेवऑप्स और एंटरप्राइज आर्किटेक्चर जैसी भूमिकाओं की मांग को भी बढ़ाया है। कौशल आधारित नियुक्ति अब भी हावी है और 62 फीसदी नियोक्ता औपचारिक योग्यताओं की तुलना में व्यावहारिक विशेषज्ञता को प्राथमिकता दे रहे हैं।
भारत-न्यूजीलैंड के बीच एक दशक बाद एफटीए पर हुई बात
भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर शुक्रवार को पहले दौर की बातचीत सफल रही। लगभग एक दशक बाद यह बातचीत फिर से शुरू हुई है। अधिकारियों का मानना है कि वार्ता के नए दौर से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में तेजी आएगी और व्यापार व निवेश के नए द्वार खुलेंगे। सूत्रों ने बताया कि राजधानी दिल्ली में पांच दिनों तक दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में समझौते के लिए जरूरी आपसी महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और न्यूजीलैंड ने 16 मार्च को घोषणा की थी कि वे व्यापक और आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) को फिर से शुरू करेंगे। यह वार्ता सबसे पहले अप्रैल, 2010 में शुरू हुई थी, लेकिन फरवरी, 2015 में दसवें दौर के बाद बिना किसी ठोस नतीजे के रुक गई थी।
द्विपक्षीय व्यापार एक अरब डॉलर के पार
वार्ता की बहाली ऐसे वक्त में हुई है, जब दोनों देशों के बीच व्यापार में लगातार वृद्धि हो रही है। अप्रैल, 2024 से इस साल जनवरी में द्विपक्षीय व्यापार एक अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया।
स्टार्टअप को सरकार की गारंटी पर मिल सकेगा अब 20 करोड़ का कर्ज
सरकार ने स्टार्टअप के लिए ऋण गारंटी योजना यानी सीजीएसएस के संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसमें प्रति उधारकर्ता गारंटी कवर सीमा 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये कर दी गई है। इस संशोधित योजना से स्टार्टअप को कर्ज देने से जुड़ा जोखिम कम होगा। साथ ही, शोध एवं विकास करने और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के लिए उन्हें अधिक वित्तीय मदद मिल सकेगी।
सीजीएसएस का व्यापक उद्देश्य पात्र स्टार्टअप कंपनियों को वित्तपोषित करने के लिए सदस्य संस्थानों द्वारा दिए गए ऋण साधनों पर तय सीमा तक गारंटी देना है। यह योजना स्टार्टअप कंपनियों को बेहद जरूरी गारंटी मुक्त ऋण मुहैया कराने में मदद करेगी। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा, विस्तारित योजना से स्थापित वित्तीय संस्थानों में स्टार्टअप को ऋण देने से जुड़े जोखिम और कम हो जाएंगे। संशोधित कर्ज गारंटी योजना में स्टार्टअप कंपनियों को 10 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए गारंटी कवर की सीमा बढ़ाकर 85 फीसदी और इससे अधिक के ऋण के लिए 75 फीसदी कर दी गई है।
अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बगैर लाइसेंस नहीं बेच सकेंगे वॉकी-टॉकी, लगी रोक
अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो, फेसबुक, इंडियामार्ट और जियोमार्ट जैसे 13 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उचित फ्रिक्वेंसी डिस्क्लोजर, इक्विपमेंट टाइप अप्रूवल यानी ईटीए या लाइसेंसिंग जानकारी के बिना वॉकी-टॉकी को नहीं बेच पाएंगे। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने नोटिस भेज कर इस तरह की अवैध बिक्री को रोकने को कहा है। सीसीपीए ने कहा, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर वॉकी-टॉकी की बिक्री वायरलेस ऑपरेटिंग लाइसेंस की जरूरतों या लागू कानूनों के अनुपालन के संबंध में स्पष्ट जानकारी के बिना की जा रही है। वॉकी-टॉकी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग में यह तय नहीं किया गया है कि डिवाइस के उपयोग के लिए संबंधित प्राधिकरण से लाइसेंस की जरूरत है या नहीं। इस तरह की जानकारी नहीं देने से आम जनता यह सोचती है कि वह स्वतंत्र रूप से वॉकी-टॉकी का उपयोग कर सकती है।