Biz Updates: FY26 में नए निवेशकों की रफ्तार घटी; सड़क दुर्घटना में घायल हुए मजदूर को मिलेंगे 18.6 लाख रुपये
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भारतीय शेयर बाजारों ने अप्रैल को छोड़कर, चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक नए निवेशक पंजीकरण में दोहरे अंकों की क्रमिक वृद्धि दर्ज की है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार निवेशकों की वृद्धि दर सकारात्मक बनी हुई है और नए पंजीकरणों में लगातार तीन महीनों तक दोहरे अंकों में क्रमिक वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, वृद्धि की गति पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में धीमी रही है।
अप्रैल से जुलाई 2025 (वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआती अवधि) के दौरान नए निवेशकों की औसत मासिक संख्या 12.4 लाख रही। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले काफी कम है, जब औसतन हर महीने 19.8 लाख नए निवेशक जुड़ रहे थे। निवेशकों की इस वृद्धि में सुस्ती की वजह वैश्विक हालातों को बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और रेप्रोकल टैरिफ जैसे कारक निवेशकों की धारणा पर दबाव डाल रहे हैं।
सड़क दुर्घटना में घायल हुए मजदूर को मिलेगा 18.6 लाख रुपये का मुआवजा
महाराष्ट्र के ठाणे में 2021 में सड़क दुर्घटना में घायल हुए मजदूर को 18.6 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने पीड़ीत की अपील पर टैंकर मालिक और बीमा कंपनी को दोषी मानते हुए मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया।
57 वर्षीय दिलीप दत्तू परबलकर 14 अप्रैल 2021 को अपने दामाद के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी मुंबई-गोवा राजमार्ग पर पनवेल के पास एक तेज रफ्तार टैंकर ने उनके दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी। याचिका के अनुसार दिलीप को गंभीर चोटें आई, जिसके कारण उनके बाएं हाथ में 45 प्रतिशत स्थायी आंशिक विकलांगता हो गई। एमएसीटी ने पाया कि यह दुर्घटना टैंकर की लापरवाही की वजह से हुई है।
सीआरडीएमो उद्योग राजस्व तीन अरब डॉलर पहुंचा
भारत का अनुबंध अनुसंधान, विकास और विनिर्माण संगठन (सीआरडीएमओ) क्षेत्र वैश्विक दवा उद्योग में सबसे गतिशील विकास दर वाले क्षेत्रों में से एक के रूप में उभर रहा है। जेफरीज इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार देश का सीआरडीएमओ राजस्व लगभग 3 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। यह पिछले पांच वर्षों में 14 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है।
इसमें बताया गया है कि भारत के सीआरडीएमओ उद्योग ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है और इसका बाजार पूंजीकरण अब 40-50 अरब डॉलर है। हालांकि कोविड-19 महामारी ने अस्थायी रूप से मांग को कम किया है, लेकिन भविष्य मजबूत दिखाई दे रहा है। जेफरीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 25 और वित्त वर्ष 30 के बीच इस क्षेत्र की वार्षिक वृद्धि दर 18 प्रतिशत रहेगी।
FY26 में ईपीसी कंपनियों के राजस्व में 9 से 11 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान
बड़ी, विविधीकृत इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) कंपनियों के राजस्व में इस वित्त वर्ष में 9 से 11 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। क्रिसिल रेटिंग्स की एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के कुल पूंजीगत व्यय में अकेले बुनियादी ढांचे का योगदान लगभघ तीन-चौथाई है। यह आंकड़ा इन कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
इसके अलावा, कुछ कंपनियों ने विविध बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में अवसरों का लाभ उठाने के लिए विदेशों में विस्तार किया है। रिपोर्ट में पिछले वित्त वर्ष में 3.15 लाख करोड़ रुपये के संयुक्त राजस्व वाली 15 प्रमुख ईपीसी कंपनियों की समीक्षा की गई। इससे पता चलता है कि ये कंपनियां सरकारी और निजी क्षेत्र के खर्च पर काफी हद तक निर्भर हैं।
राजस्व वृद्धि, जो वित्त वर्ष 2022 और 2024 के बीच औसतन लगभग 20 प्रतिशत वार्षिक थी, पिछले वर्ष उच्च आधार प्रभाव और घरेलू बुनियादी ढांचे पर खर्च में छह प्रतिशत की वृद्धि के कारण धीमी होकर 8.3 प्रतिशत रह गई। इस वृद्धि में निजी क्षेत्र का योगदान सीमित रहा।