Biz Updates: 96,317 करोड़ रुपये की स्पेक्ट्रम नीलामी आज से शुरू; हीरो मोटो के चुनिंदा मॉडल की बढ़ेंगी कीमतें
आठ बैंडों में 96,317 करोड़ रुपये मूल्य के स्पेक्ट्रम की नीलामी मंगलवार को शुरू हुई। दूसरी ओर, उच्चतम न्यायालय 46,000 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के एक मामले में भूषण स्टील के पूर्व प्रवर्तक नीरज सिंघल की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए मंगलवार को सहमत हो गया। आइए पढ़ें कारोबार जगत की अहम खबरें।
विस्तार
आठ बैंडों में 96,317 करोड़ रुपये मूल्य के स्पेक्ट्रम की नीलामी मंगलवार को शुरू हुई। दूरसंचार कंपनियों रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की 5जी मोबाइल सेवाओं के लिए इन महत्वपूर्ण रेडियो तरंगों को हासिल करने पर नजर है।
इनपुट लागत बढ़ने से हीरो मोटो के चुनिंदा मॉडल की बढ़ेंगी कीमतें
हीरो मोटो के कई मॉडल एक जुलाई से 1,500 रुपये तक महंगे हो जाएंगे। कंपनी ने सोमवार को बताया, इनपुट लागत बढ़ने के कारण कुछ मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। इसमें स्कूटर और मोटरसाइकिल दोनों होंगे।
उच्च रोजगार क्षेत्रों को बढ़ाना जरूरी: एचयूएल
हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) के अध्यक्ष नितिन परांजपे ने सोमवार को कंपनी की 91वीं वार्षिक आम बैठक में कहा, देश की युवा पीढ़ी व बढ़ती कामकाजी आबादी भविष्य के आर्थिक विस्तार के लिए सबसे मूल्यवान संसाधन हैं। ऐसे में उच्च रोजगार वाले क्षेत्रों को बढ़ाने की जरूरत है।
उच्चतम न्यायालय 46,000 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के एक मामले में भूषण स्टील के पूर्व प्रवर्तक नीरज सिंघल की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए मंगलवार को सहमत हो गया। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया और उनकी याचिका पर तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।
सिंघल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आठ जनवरी के उस आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी जिसमें मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
उच्च न्यायालय ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय का फैसला, जिसमें गिरफ्तारी के समय लिखित में गिरफ्तारी का आधार देना अनिवार्य किया गया था, सिंघल को मामले में पकड़े जाने के बाद पारित किया गया था। इसलिए इस गिरफ्तारी को अवैध नहीं कहा जा सकता।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने असम ग्रामीण विकास बैंक (एजीवीबी) के चार कर्मचारियों के खिलाफ कथित आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सीबीआई की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार जोरहाट जिले के माधापुर शाखा में तैनात आरोपी कर्मचारियों ने कथित तौर पर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के लिए आपस में और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची। इस धोखाधड़ी के परिणामस्वरूप बैंक को 8.28 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
आरोपी कर्मचारियों में तीन सहायक प्रबंधक और एक कार्यालय सहायक शामिल था। सीबीआई के मुताबिक आरोपियों ने फर्जी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) ऋण खातों में धोखाधड़ी से धनराशि स्वीकृत और वितरित की। इसके बाद, उन्होंने कथित तौर पर इन पैसों को एक आरोपी के बचत खाते और अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया।
सीबीआई ने बयान में कहा, ‘‘इस प्रकार आरोपियों ने बैंक को 8,28,42,900 रुपये का अनुमानित नुकसान पहुंचाया, जबकि खुद को वित्तीय लाभ पहुंचाया।’’ सीबीआई ने इन निष्कर्षों के आधार पर असम में जोरहाट, तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ जिलों में आरोपियों के आवास और कार्यस्थलों समेत सात स्थानों के अलावा पश्चिम बंगाल में एक स्थान पर तलाशी ली, जहां से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।