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Business Updates: EPFO के नए सदस्यों की संख्या में आई गिरावट; ऊर्जा गंगा पाइपलाइन अगले साल तक होगी पूरी
Sun, 30 Jun 2024 12:53 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 30 Jun 2024 12:53 PM IST
सार
महामारी के कारण ईपीएफओ से जुड़ने वाले नए सदस्यों की कुल संख्या में 2020-21 में गिरावट आई थी और यह 85,48,898 रही थी। इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2019-20 में ईपीएफओ से 1,10,40,683 नए सदस्य जुड़े थे। 2021-22 में ईपीएफओ से जुड़ने वाले नए सदस्यों की संख्या 1,08,65,063 रही थी।
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ईपीएफओ
- फोटो : Istock
विस्तार
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के नए सदस्यों की कुल संख्या बीते वित्त वर्ष 2023-24 में चार प्रतिशत घटकर 1.09 करोड़ रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। ईपीएफओ की 'भारत में पेरोल रिपोर्टिंग: एक रोजगार परिप्रेक्ष्य-जनवरी से अप्रैल, 2024' रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ ने 2022-23 में कुल 1,14,98,453 नए सदस्य जोड़े थे। यह संख्या 2023-24 में घटकर 1,09,93,119 रह गई है। महामारी के कारण ईपीएफओ से जुड़ने वाले नए सदस्यों की कुल संख्या में 2020-21 में गिरावट आई थी और यह 85,48,898 रही थी। इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2019-20 में ईपीएफओ से 1,10,40,683 नए सदस्य जुड़े थे। 2021-22 में ईपीएफओ से जुड़ने वाले नए सदस्यों की संख्या 1,08,65,063 रही थी।
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एफपीआई ने जून में भारतीय शेयर बाजारों में 26,565 करोड़ रुपये निवेश किए
लगातार दो माह की बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की जून में भारतीय शेयर बाजार में वापसी हुई है। शेयर बाजारों में जोरदार तेजी के बीच जून में एफपीआई ने शुद्ध रूप से 26,565 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने जून में भारतीय शेयर बाजार शुद्ध रूप से 26,565 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वॉटरफील्ड एडवाइजर्स के निदेशक (सूचीबद्ध निवेश) विपुल भोवर ने कहा, 'आगे चलकर उनका ध्यान धीरे-धीरे बजट और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों की ओर स्थानांतरित होगा।'
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सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से नौ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2.89 लाख करोड़ रुपये बढ़ा
सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से नौ के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में पिछले सप्ताह 2,89,699 करोड़ रुपये का उछाल दर्ज हुआ। शेयर बाजार में जोरदार तेजी के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे अधिक लाभ में रही। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,822.83 अंक या 2.36 प्रतिशत चढ़ गया। बीएसई सेंसेक्स जून में 7.14 प्रतिशत चढ़ा है। यह इसकी सबसे अच्छी मासिक वृद्धि है। गुरुवार को सेंसेक्स ने पहली बार 79,000 अंक के स्तर को पार किया।
इन कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में हुई बढ़ोतरी
पिछले सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी का बाजार मूल्यांकन चढ़ गया। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मूल्यांकन में गिरावट आई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,52,264.63 करोड़ रुपये बढ़कर 21,18,951.20 करोड़ रुपये हो गया।
टीसीएस के बाजार मूल्यांकन में 34,733.64 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 14,12,845.09 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
आईसीआईसीआई बैंक की बाजार हैसियत 30,286.99 करोड़ रुपये बढ़कर 8,44,201.88 करोड़ रुपये रही। वहीं भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 18,267.7 करोड़ रुपये बढ़कर 8,22,530.35 करोड़ रुपये हो गया।
इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 14,656.3 करोड़ रुपये बढ़कर 6,50,602.10 करोड़ रुपये पर और एचडीएफसी बैंक का 13,808.74 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 12,80,865.43 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
भारतीय स्टेट बैंक की बाजार हैसियत 11,111.14 करोड़ रुपये बढ़कर 7,57,565.68 करोड़ रुपये रही।
हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्यांकन में 7,953.37 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 5,81,570.83 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
आईटीसी का बाजार पूंजीकरण 6,616.91 करोड़ रुपये बढ़कर 5,30,475.82 करोड़ रुपये हो गया।
इस रुख के उलट एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 22,042.61 करोड़ रुपये घटकर 6,25,573.90 करोड़ रुपये पर आ गया।
इन कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में हुई बढ़ोतरी
पिछले सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी का बाजार मूल्यांकन चढ़ गया। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मूल्यांकन में गिरावट आई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,52,264.63 करोड़ रुपये बढ़कर 21,18,951.20 करोड़ रुपये हो गया।
टीसीएस के बाजार मूल्यांकन में 34,733.64 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 14,12,845.09 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
आईसीआईसीआई बैंक की बाजार हैसियत 30,286.99 करोड़ रुपये बढ़कर 8,44,201.88 करोड़ रुपये रही। वहीं भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 18,267.7 करोड़ रुपये बढ़कर 8,22,530.35 करोड़ रुपये हो गया।
इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 14,656.3 करोड़ रुपये बढ़कर 6,50,602.10 करोड़ रुपये पर और एचडीएफसी बैंक का 13,808.74 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 12,80,865.43 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
भारतीय स्टेट बैंक की बाजार हैसियत 11,111.14 करोड़ रुपये बढ़कर 7,57,565.68 करोड़ रुपये रही।
हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्यांकन में 7,953.37 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 5,81,570.83 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
आईटीसी का बाजार पूंजीकरण 6,616.91 करोड़ रुपये बढ़कर 5,30,475.82 करोड़ रुपये हो गया।
इस रुख के उलट एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 22,042.61 करोड़ रुपये घटकर 6,25,573.90 करोड़ रुपये पर आ गया।
गेल की 12,940 करोड़ रुपये की ऊर्जा गंगा पाइपलाइन अगले साल मार्च तक पूरी होगी
देश के पूर्वी हिस्सों में पर्यावरणानुकूल ईंधन पहुंचाने की देश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना 'ऊर्जा गंगा' गैस पाइपलाइन परियोजना के निर्माण में नौ महीने की देरी होगी और अब इसका निर्माण मार्च, 2025 तक पूरा होगा। सार्वजनिक क्षेत्र की गेल (इंडिया) लिमिटेड ने यह जानकारी दी है। इस परियोजना की लागत 12,940 करोड़ रुपये की है।
गेल ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि 3,306 किलोमीटर लंबी जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा पाइपलाइन को मूल रूप से जून, 2024 तक पूरा किया जाना था। लेकिन उपयोग के अधिकार (आरओयू) की उपलब्धता में देरी के कारण इस परियोजना के पूरा होने का समय संशोधित कर जून, 2024 से मार्च, 2025 कर दिया गया है। ज्यादातर पाइपलाइन का निर्माण पहले ही हो चुका है, और मार्ग के अधिकांश शहरों में गैस का प्रवाह शुरू हो गया है।
परंपरागत रूप से उपलब्ध प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बिजली पैदा करने, उर्वरक बनाने या सीएनजी और रसोई गैस के रूप में किया जाता है। अक्टूबर, 2016 में उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर से पश्चिम बंगाल के हल्दिया, झारखंड के बोकारो और ओडिशा के धामरा तक पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था।
गेल ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि 3,306 किलोमीटर लंबी जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा पाइपलाइन को मूल रूप से जून, 2024 तक पूरा किया जाना था। लेकिन उपयोग के अधिकार (आरओयू) की उपलब्धता में देरी के कारण इस परियोजना के पूरा होने का समय संशोधित कर जून, 2024 से मार्च, 2025 कर दिया गया है। ज्यादातर पाइपलाइन का निर्माण पहले ही हो चुका है, और मार्ग के अधिकांश शहरों में गैस का प्रवाह शुरू हो गया है।
परंपरागत रूप से उपलब्ध प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बिजली पैदा करने, उर्वरक बनाने या सीएनजी और रसोई गैस के रूप में किया जाता है। अक्टूबर, 2016 में उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर से पश्चिम बंगाल के हल्दिया, झारखंड के बोकारो और ओडिशा के धामरा तक पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था।