Biz Updates: ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह के दो पूर्व अधिकारियों को किया गिरफ्तार, पढ़ें अहम अपडेट्स
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को मुंबई में रिलायंस अनिल अंबानी समूह (आरएएजी) के दो पूर्व अधिकारियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि ईडी ने सतीश सेठ और गौतम दोषी, जो दोनों रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के पूर्व निदेशक रह चुके हैं, का ट्रांजिट रिमांड लिया है। ईडी के मुताबिक उन्हें दिल्ली ले जाया जा रहा है, क्योंकि मामला राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मार्च में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कथित 114.98 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी की जांच के तहत दोनों के परिसरों पर छापेमारी की थी और मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने कहा था कि एसबीआई उन 11 बैंकों के कंसोर्टियम का सदस्य था, जिसने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपये की टर्म लोन सुविधा मंजूर की थी। ईडी को इस सीबीआई शिकायत का संज्ञान लेते हुए, इस बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में सेठ और दोषी की भूमिकाओं की जांच करते हुए समझा जाता है।
महंगाई और बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने प्याज किसानों को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार से सरकार ने अपने 'बफर स्टॉक' के लिए प्याज की खरीद दर को बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो कर दिया है। हालांकि, देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र के किसान इस बढ़ोतरी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और वे 30 रुपये प्रति किलो के भाव की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने प्याज की नई खरीद कीमत क्या तय की है?
सरकार ने बाजार में कीमतों को स्थिर रखने के लिए बनाए जाने वाले बफर स्टॉक की खरीद दर को 15.80 रुपये से बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो (1,650 रुपये प्रति क्विंटल) कर दिया है। यह नई दर शनिवार (13 जून, 2026) से लागू हो गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आमदनी को बढ़ाना और उन्हें बेहतर रिटर्न देना है।
आईडीएफसी बैंक घोटाला में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के फंड में हुए कुल 657 करोड़ रुपये के गबन के मामले में शुक्रवार को दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। अधिकारियों के मुताबिक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से सरकारी फंड को फर्जी लेन-देन के जरिये शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया था। इस घोटाले में हरियाणा सरकार को 504 करोड़ रुपये और सीएससीएल को 153 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में पंचकुला की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें दो निजी लोगों को आरोपी बनाया गया है।
इससे पहले 15 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। वहीं, सीएससीएल मामले में चंडीगढ़ की विशेष अदालत में 7 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट पेश की गई है। इनमें पांच बैंक अधिकारी, एक सीएससीएल अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल है। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इस मामले पर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग (नियामकीय सूचना) में बयान जारी कर कहा है कि उसने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों को 100 फीसदी मूलधन और ब्याज लौटा दिया है, जो कुल 583 करोड़ रुपये बनता है।