हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुई बजट की छपाई, 10 दिन तक दुनिया से कटे रहेंगे अधिकारी-कर्मचारी
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हलवा सेरेमनी के साथ ही एक फरवरी को पेश होने वाले बजट की छपाई वित्त मंत्रालय में शुरू हो गई है। नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में स्थित प्रिटिंग प्रेस में इसकी छपाई होती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों ने इस हलवा सेरेमनी में हिस्सा लिया।
अब 10 दिनों तक वित्त मंत्रालय के 50 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी पूरी दुनिया से कटे रहेंगे।
The Union Finance Minister, Smt. @nsitharaman presided over #HalwaCeremony today at North Block to mark the beginning of printing of #Budget2020 documents. MoS Shri @ianuragthakur was also present besides senior @FinMinIndia officials. pic.twitter.com/CgzYwYnLKx
विज्ञापन विज्ञापन— Ministry of Finance (@FinMinIndia) January 20, 2020
इस साल बहुत अहम है बजट
चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के पांच रहने के अनुमान और महंगाई दर के 7.35 फीसदी पहुंचने के बाद इस बार के बजट को काफी अहम माना जा रहा है। हर साल बजट के लिए उसके दस्तावेजों की छपाई से पहले हलवा बनाने की परंपरा चली आ रही है। हलवा तैयार होने के बाद इसका वितरण वित्त मंत्री समेत अन्य मंत्रियों और अधिकारियों में होता है। सामान्य तौर पर हलवा बनाने की रस्म में बजट निर्माण में लगे अधिकारी ही शामिल होते हैं।
हलवा बनने के बाद से वित्त मंत्रालय के 50 से अधिक लोग बजट बनाने में दिन रात लग जाते हैं। बजट पेश होने से लगभग एक सप्ताह पहले से तो इन लोगों को 24 घंटे नॉर्थ ब्लॉक में ही गुजारना पड़ता है। एक बार कैद होने के बाद वित्त मंत्री द्वारा लोक सभा में बजट पेश करने के बाद ही इन्हें नॉर्थ ब्लॉक से बाहर जाने की इजाजत मिलती है।
पूरी तरह से गोपनीय होती है छपाई
बजट छपाई एक तरह से पूर्णतया गोपनीय काम होता है। इससे जुड़ी जाटिल प्रक्रिया को हल्का-फुल्का करने के लिए हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है। बजट छपाई की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी 10 दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटे रहते हैं। इन 50 अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं होती है। वित्त मंत्री के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को ही घर जाने की इजाजत होती है।
सुरक्षा होती है चाक-चौबंद
इस दौरान वित्त मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होती है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वित्त मंत्रालय में नहीं होता है। इस दौरान छपाई से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को भी बाहर आने या फिर अपने सहयोगियों से मिलने की भी मनाही होती है। अगर किसी विजिटर का आना बहुत जरूरी है तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अंदर भेजा जाता है।
लीक न हो कोई खबर
वित्त मंत्रालय में खुफिया विभाग से लेकर के साइबर सिक्योरिटी सेल सबका पहरा रहता है। इन 10 दिनों तक मंत्रालय के अंदर कोई भी मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है। केवल लैंडलाइन फोन के जरिए ही बातचीत हो पाती है।
तैनात रहती है डॉक्टरों की टीम
वित्त मंत्रालय में 10 दिन के लिए डॉक्टरों की एक टीम भी तैनात रहती है। ऐसा इसलिए ताकि किसी भी कर्मचारी के बीमार पड़ने पर उसे वहीं पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बीमार कर्मचारी को भी 10 दिनों के लिए अस्पताल में इलाज कराने की मनाही होती है।
कट जाता है इंटरनेट कनेक्शन
जिन कंप्यूटरों पर बजट डॉक्यूमेंट होता है, उनसे इंटरनेट और एनआईसी के सर्वर को डिलिंक कर दिया जाता है। इससे किसी भी प्रकार की हैकिंग का डर नहीं रहता है। इन कंप्यूटरों को केवल प्रिंटर और छपाई मशीन से कनेक्ट करके रखा जाता है। वित्त मंत्रालय के जिस हिस्से में प्रिंटिंग प्रेस स्थित है, वहां पर केवल चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों को जाने की इजाजत होती है।