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बीएसई और एनएसई की नई गाइडलाइन: एक्सचेंज पर तकनीकी खराबी आई तो सदस्य रोजाना भरेंगे 20 हजार
Sat, 18 Dec 2021 06:30 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 18 Dec 2021 06:30 AM IST
सार
तकनीकी खराबी में सदस्यों की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर व अन्य उत्पादों व सेवाओं में आई खामियां शामिल होंगी।
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बीएसई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बीएसई व एनएसई ने कारोबार के दौरान तकनीकी खामियों पर रोक लगाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, सदस्य अगर तय समयसीमा के भीतर खराबी की जानकारी एक्सचेंज को नहीं देते हैं तो उन्हें व्यवस्था सुचारू होने तक रोजाना 20 हजार रुपये भरने होंगे।
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सर्कुलर में कहा गया है कि तकनीकी खराबी में सदस्यों की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर व अन्य उत्पादों व सेवाओं में आई खामियां शामिल होंगी। ऐसे सदस्य जिनकी विशेष पंजीकृत ग्राहक संख्या 50 हजार से ज्यादा होगी, उन्हें इन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
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इन सदस्यों को किसी भी तरह की तकनीकी खराबी आने पर दो घंटे के भीतर एक्सचेंज को सूचित करना होगा। हालांकि, इसे लागू करने के लिए सदस्यों को 12 महीने का समय दिया जाएगा।
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प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों से बजट के लिए मांगे सुझाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दुनियाभर के बड़े निवेशकों से मुखातिब होकर अगले बजट के लिए सुझाव मांगे। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये निवेश और कारोबारी सुगमता बढ़ाने पर चर्चा की है। इसका मकसद बजट में ज्यादा पूंजी आकर्षित करना व सुधार योजनाएं पेश करना है।
पीएम की मंशा बजट से पहले वैश्विक निवेशकों से बदलाव के लिए सुझाव लेना है, ताकि उसके अनुकूल नीतियों पर काम कर सकें और देश को निवेश के लिए ज्यादा आकर्षक बनाया जा सके। नवंबर में भी मोदी ने 20 बड़े वैश्विक निवेशकों से मुलाकात की थी।