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Britain: स्पेशियलिटी स्टील्स UK पर अब सरकारी नियंत्रण, कंपनी बोली- 'अतार्किक' फैसले से खतरे में 1500 नौकरियां

Fri, 22 Aug 2025 04:09 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 22 Aug 2025 04:09 AM IST
सार

भारतीय मूल के ब्रिटिश कारोबारी संजीव गुप्ता की कंपनी स्पेशयलिटी स्टील्स यूके को अदालत ने दिवालिया घोषित करके सरकारी नियंत्रण में डाल दिया है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला गलत है और इससे 1,500 लोगों की नौकरियों पर संकट है। उन्होंने कंपनी को बचाने के लिए निवेशक भी ढूंढे थे, लेकिन अदालत ने बात नहीं मानी। 
 

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Britain Specialty Steels UK now under govt control company says irrational'decision puts 1500 jobs at risk
स्पेशियलिटी स्टील्स यूके पर अब सरकार का नियंत्रण (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय मूल के ब्रिटिश कारोबारी संजीव गुप्ता की कंपनी स्पेशियलिटी स्टील्स यूके (SSUK) को अब इस देश की सरकार नियंत्रित करेगी। देश की तीसरी सबसे बड़ी स्टीलवर्क्स कंपनी- SSUK को बृहस्पतिवार (स्थानीय समयानुसार) को अनिवार्य परिसमापन के लिए मजबूर किया गया। 

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ब्रिटेन सरकार के अधीन संचालित दिवाला सेवा (Insolvency Service) ने इस बदलाव की पुष्टि की है। इसके मुताबिक, उच्च न्यायालय के फैसले के आधार पर वह परिसमापक (liquidator) के रूप में काम करेगी। इस बड़े कारोबारी बदलाव के बाद लिबर्टी स्टील ने एक बयान में कहा कि कंपनी को अनिवार्य रूप से परिसमाप्त करने का निर्णय 'अतार्किक' है। इससे 1,500 नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी।
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अदालत ने तीन लोगों को विशेष प्रबंधक नियुक्त किया
दिवाला सेवा बताया अदालत ने टेनेओ फाइनेंशियल एडवाइजरी लिमिटेड के मैथ्यू जेम्स काउलिशॉ, हाइवेल फिलिप्स और रॉबर्ट फिशमैन को कंपनी का विशेष प्रबंधक नियुक्त किया है, जो कंपनी को बंद करने और जांच-पड़ताल की प्रक्रिया में मदद करेंगे। साथ ही आधिकारिक रिसीवर अपने वैधानिक कर्तव्यों के अनुसार, कंपनी की विफलता के कारणों और मौजूदा एवं पूर्व निदेशकों के आचरण की भूमिका की भी जांच करेगा। 

कंपनी के वकीलों ने चार सप्ताह की स्थगन अवधि के लिए किया था आवेदन 
लिबर्टी स्टील के वकीलों ने अदालत में चार सप्ताह की स्थगन अवधि के लिए आवेदन दिया था, ताकि वे कंपनी को 'प्री-पैक एडमिनिस्ट्रेशन' के तहत बेच सकें। प्री-पैक एडमिनिस्ट्रेशन दिवालिया कंपनी को अपनी संपत्ति किसी बोलीदाता को बेचने की अनुमति देता है। इसके लिए वे बड़े निवेशक ब्लैकरॉक और संकटग्रस्त कंपनियों में निवेश करने वाली फिडेरा से पैसा जुटाने की कोशिश कर रहे थे। 


लिबर्टी ने कंपनी को बचाने के लिए सभी विकल्पों पर किया विचार
संजीव गुप्ता की होल्डिंग कंपनी जीएफजी एलायंस ने कहा कि लिबर्टी ने स्पेशियलिटी स्टील्स यूके को बचाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया, जिसमें खर्चों में कटौती, पुनर्गठन, ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना, व्यवसाय के लिए खरीदार खोजना और ऋण देनदारियों के पुनर्गठन के लिए लेनदारों के साथ गहन बातचीत शामिल है। 

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कंपनी को अनिवार्य रूप से परिसमाप्त करने का निर्णय तर्कहीन: जेफरी काबेल
जीएफजी एलायंस के मुख्य परिवर्तनकारी अधिकारी जेफरी काबेल ने कहा, 'स्पेशियलिटी स्टील्स यूके को अनिवार्य रूप से परिसमाप्त करने का निर्णय, खासकर जब हमें दुनिया के सबसे बड़े परिसंपत्ति प्रबंधक से परिचालन फिर से शुरू करने और लेनदारों की वसूली में मदद मिल रही है, तर्कहीन है।' उन्होंने आगे कहा कि अब इस फैसले से लंबे समय तक अनिश्चितता रहेगी और ब्रिटेन के टैक्स देने वाले नागरिकों पर भारी खर्च का बोझ पड़ेगा। ब्रिटेन की जीएमबी ट्रेड यूनियन ने भी इसे देश के इस्पात उद्योग के लिए एक और बड़ी त्रासदी बताया। 

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