737 मैक्सः बोइंग के कर्मचारियों ने DGCA को कहा था बेवकूफ, अन्य नियामकों को बताया विक्षिप्त
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विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग के कर्मचारियों ने 737 मैक्स का परिचालन करने का सर्टिफिकेट देने के बाद डीजीसीए को बेवकूफ और अन्य नियामकों को विक्षिप्त बताया था। दो साल पहले बोइंग के कर्मचारियों ने आपसी संदेश में ऐसा कहा था।
बोइंग ने दो साल पहले 737 मैक्स विमानों का परिचालन शुरू होने और उससे पहले के कर्मचारियों के संदेश और आंतरिक ई-मेल से संबंधित 100 पन्नों का डॉक्यूमेंट अमेरिका की हाउस कमेटी को सौंपे हैं।
बोइंग ने मांगी माफी
हालांकि बोइंग ने यह डॉक्यूमेंट जारी करने के बाद डीजीसीए, स्पाइसजेट और हवाई यात्रियों से माफी मांग ली है। उसने कहा कि इन संदेश और मेल में जिस भाषा का कर्मचारियों ने प्रयोग किया है वो गलत है। यह बोइंग की विचारधारा से मेल नहीं खाती है। इन कर्मचारियों के ऊपर कंपनी अपनी तरफ से विभागीय कार्रवाई करेगी।
बोइंग द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए बयान के अनुसार,कर्मचारी इस विमान के बनाने से खुश नहीं थे और आपस में मैसेज के जरिए इसका मजाक बनाते थे।
कर्मचारियों और बोइंग के पायलट्स को इस विमान के सिम्युलेटर से सबसे ज्यादा परेशानी थी। बोइंग के एक पायलट ने 2016 में कहा था कि इस विमान का डिजाइन जोकरों ने तैयार किया था, जिसका निर्माण बंदरों की देखरेख में हुआ है। फिलहाल कंपनी ने इस तैयार करने के सारे कागजात और कर्मचारियों के संदेश अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन को सौंप दिए हैं।
टूट सकता है भरोसा
कंपनी के कर्मचारियों के आपसी संदेश जारी करने के बाद अब ग्राहकों सहित अन्य लोगों का भरोसा बोइंग से टूट सकता है। गौरतलब है कि मैक्स विमानों का परिचालन पूरी दुनिया में मार्च 2019 से बंद पड़ा है। इससे कंपनी के नए सीईओ डेविड कलहॉन को परेशानी हो सकती है, जो 13 जनवरी को पदभार ग्रहण करेंगे। इन नए खुलासों से पता चलता है कि विमान में पहले से तकनीकि खराबी थी, जिससे इसके कर्मचारी भी खुश नहीं थे। लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने यह जानकारी पूरी दुनिया से छुपाई, जो कि एक तरह से धोखाधड़ी है।
हालांकि कंपनी ने यह दस्तावेज जारी करने के बाद सभी से माफी मांगी है। कंपनी ने कहा है कि वो एफएए, अमेरिकी कांग्रेस, ग्राहकों और हवाई यात्रियों से इस गलती के लिए माफी मांगती है।
फिलहाल नौ महीने से मैक्स विमानों का परिचालन पूरी तरह से बंद है। अगर इन विमानों का उत्पादन आंशिक या फिर पूरी तरह से बंद होता है, तो फिर मैक्स विमान भविष्य में कभी नहीं उड़ पाएंगे। दो मैक्स विमान अक्तूबर और मार्च में क्रैश हो गए थे, जिसमें कुल 346 यात्रियों की मौत हो गई थी।