Russia: 'काला सागर अनाज समझौते ने अपना महत्व खो दिया', रूसी राष्ट्रपति ने संधि से वापस हटने का किया बचाव
Russia: क्रेमलिन की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख के अनुसार, पुतिन ने कहा, "अनाज समझौते को जारी रखना अपने मानवीय उद्देश्य को सही नहीं ठहराता। यह अपना अर्थ खो चुका है।"
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काला सागर अनाज सौदे से रूस के हटने के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि इस सौदे के तहत रूस ने यूक्रेनी अनाज की सुरक्षित बिक्री की गारंटी दी थी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि इस संधि ने अंततः अपना अर्थ खो दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि इस संधि का कोई कोई महत्व न रह गया था।
क्रेमलिन की वेबसाइट ने पुतिन के हवाले से लिखा- अनाज समझौते को जारी रखना उचित नहीं
क्रेमलिन की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख के अनुसार, पुतिन ने कहा, "अनाज समझौते को जारी रखना अपने मानवीय उद्देश्य को सही नहीं ठहराता। यह अपना अर्थ खो चुका है।" वैश्विक खाद्य संकट को कम करने में मदद के लिए युद्ध के बावजूद एक साल पहले रूस ने यूक्रेन को अपने काला सागर बंदरगाहों से अनाज निर्यात करने की अनुमति दी थी। इस समझौते को मॉस्को ने पिछले हफ्ते समाप्त कर दिया गया था। रूस ने दावा किया था कि संधि के विस्तार की आवश्यकताओं की अवहेलना की गई थी। जुलाई 2022 में तुर्की और संयुक्त राष्ट्र ने काला सागर अनाज पहल पर बातचीत शुरू की।