Biz Updates: भारत और अमेरिका व्यापार समझौते में कोई चुनौती नहीं तय समय पर होंगे हस्ताक्षर
केंद्र सरकार ने त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद का विस्तार किया
सहकारिता मंत्रालय ने त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (टीएसयू) की कार्यकारी परिषद की संरचना का विस्तार करते हुए अतिरिक्त पदेन सदस्यों को शामिल किया है। यह कदम विश्वविद्यालय के शासन ढांचे को मजबूत करने और इसके सर्वोच्च कार्यकारी निकाय में व्यापक शैक्षणिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। ये परिवर्तन त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2025 की धारा 22 की उपधारा (2) के साथ पढ़े जाने वाले त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधान, 2025 के अनुच्छेद 8 के तहत अधिसूचित किए गए हैं। अधिसूचना में 16 जुलाई, 2025 को जारी मंत्रालय के पूर्ववर्ती आदेश में संशोधन किया गया है, जिसमें विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के गठन का प्रावधान था।
भारत की पर्पल इकोनॉमी विकास में 150 अरब डॉलर का दे सकती है योगदान
मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की पर्पल इकोनॉमी विकलांगता से संबंधित उत्पादों और सेवाओं के क्षेत्र में लगभग 150 अरब अमेरिकी डॉलर के कुल संभावित बाजार तैयार कर सकती है। डेलॉयट और एनएबल इंडिया की रिपोर्ट में विकलांगता समावेशन को राष्ट्रीय आर्थिक विकास के एजेंडे के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
पर्पल इकोनॉमी एक आर्थिक ढांचा है जो दिव्यांग व्यक्तियों को ग्राहकों, श्रमिकों, उद्यमियों, इनोवेटर्स, करदाताओं के रूप में विकास में योगदानकर्ताओं के रूप में मान्यता देता है, और उनकी पहुंच और समावेशन को बाजार निर्माण, उत्पादकता, गरिमा और साझा समृद्धि के चालक के रूप में मानता है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "दिव्यांग व्यक्तियों की अनुमानित संख्या 10 करोड़ मानते हुए, यह रिपोर्ट दिव्यांगता से संबंधित उत्पादों और सेवाओं के लिए लगभग 150 अरब अमेरिकी डॉलर के कुल संभावित बाजार का अनुमान लगाती है। भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के साथ, अवसर न केवल अधिकारों और पहुंच का विस्तार करने में है, बल्कि सहभागिता को नए बाजारों, उद्यमों, नौकरियों और नवाचार में परिवर्तित करने में भी है।"