फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Biz Updates: Business News and Updates Business News Market News Shares Companies News and Updates

Biz Updates: जीएसटी प्राधिकरण ने इटरनल पर 40 करोड़ रुपये से अधिक का कर और जुर्माना लगाया, जानें अपडेट्स

Tue, 26 Aug 2025 11:10 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 26 Aug 2025 11:10 AM IST
विज्ञापन
Biz Updates: Business News and Updates Business News Market News Shares Companies News and Updates
बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com

जोमैटो और ब्लिंकिट ब्रांड का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी इटरनल को जीएसटी विभाग से तीन आदेश मिले हैं। इनमें ब्याज और जुर्माना सहित कुल 40 करोड़ रुपये से अधिक के टैक्स की मांग की गई है। ये आदेश संयुक्त आयुक्त-4 बेंगलुरु से जुलाई 2017 से मार्च 2020 तक की अवधि के लिए जारी किए गए हैं।

विज्ञापन


इटरनल, जिसमें चार प्रमुख व्यवसाय शामिल हैं- जोमैटो, ब्लिंकिट, डिस्ट्रिक्ट और हाइपरप्योर- ने कहा कि वह इन टैक्स डिमांड ऑर्डस के खिलाफ अपील दायर करेगा।

इटरनल ने सोमवार को देर रात नियामक फाइलिंग में कहा, "कंपनी को 25 अगस्त 2025 को जुलाई 2017 से मार्च 2020 की अवधि के लिए संयुक्त आयुक्त, अपील-4, बेंगलुरु द्वारा पारित 3 आदेश प्राप्त हुए हैं, जिसमें 21,42,14,791 रुपये के ब्याज और 1,71,91,177 रुपये के जुर्माने के साथ 17,19,11,762 रुपये की जीएसटी की कुल मांग की पुष्टि की गई है।"
विज्ञापन


उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि हमारे पास गुण-दोष के आधार पर मजबूत मामला है, जिसे वकीलों के विचारों का समर्थन प्राप्त है और कंपनी उचित प्राधिकारी के समक्ष आदेशों के विरुद्ध अपील दायर करेगी।"

विज्ञापन
विज्ञापन

 

आईटीसी ने सेंचुरी पल्प पेपर कारोबार को 3,498 करोड़ रुपये में खरीदने की सीसीआई से मंजूरी मांगी

आईटीसी लिमिटेड ने आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड (एबीआरईएल) के लुगदी और कागज कारोबार को 3,498 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करने के लिए सीसीआई की मंजूरी मांगी है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) में दाखिल नोटिस के अनुसार, "प्रस्तावित लेन-देन, दोनों पक्षों के बीच निष्पादित व्यापार हस्तांतरण समझौते के अनुसार, एक चालू व्यवसाय के रूप में, अधिग्रहणकर्ता (आईटीसी लिमिटेड) को लक्षित व्यवसाय (एबीआरईएल का कागज और लुगदी विनिर्माण व्यवसाय) की बिक्री से संबंधित है।"

प्रोबो ने आरएमजी सेवाओं के बंद होने के बाद यूजर्स से वॉलेट में पड़ी शेष राशि निकालने की अपील की

ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम के तहत हालिया नियामक विकास के मद्देनजर रियल- मनी गेमिंग (आरएमजी) सेवाओं को बंद करने से संबंधित घोषणा के बाद, प्रोबो ने अपने उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी शेष राशि को तुरंत निकाल लें और यदि उन्होंने पहले से ऐसा नहीं किया है तो अपना केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) सत्यापन पूरा करें। प्रोबो ने दोहराया है कि उसके सभी उपयोगकर्ता बिना किसी रुकावट के अपनी धनराशि निकाल सकते हैं। निकासी की प्रक्रिया के लिए केवाईसी पूरा करना एक अनिवार्य कदम है। कंपनी के एक बयान के अनुसार, जिन उपयोगकर्ताओं ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे आग्रह है कि वे ऐप के माध्यम से तुरंत ऐसा करें।
 

भुवनेश्वर: ओडिशा के राजस्व कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली
ओडिशा जिला राजस्व मंत्रालय के कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर 11 अगस्त से काम बंद कर दिया था। अब उन्होंने बाढ़ की मौजूदा स्थिति और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मंगलवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष तिरुपति बालाजी साहू ने कहा, "कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति और आगामी त्यौहारी सीजन को देखते हुए, लोगों के व्यापक हित में, हमने अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने और आज से काम पर लौटने का फैसला किया है।" इसी तरह, एसोसिएशन के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि सोमवार शाम मुख्य सचिव मनोज आहूजा के साथ उनकी बैठक "सफल" रही।

उन्होंने कहा, "सरकार ने हमारी जायज़ मांगों पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है। बैठक से ऐसा लगता है कि सरकार हमारी मांगों को पूरा करने के लिए उत्सुक है।" राजस्व व आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कर्मचारियों के निर्णय का स्वागत किया और उनसे लंबित कार्य निपटाने के लिए अधिक घंटे काम करने की अपील की।

हड़ताली कर्मचारी संघ, ओडिशा राजस्व अमला संघ (ओआरएएस) ने दावा किया कि वे आंदोलन करने के लिए मजबूर हुए हैं, क्योंकि एक के बाद एक सरकारों ने उनकी वास्तविक मांगों को नजरअंदाज किया है। उनकी मांगों में लंबित पदोन्नति को सक्षम करने के लिए जिला राजस्व मंत्रालयिक संवर्ग नियमों का प्रकाशन, सभी पात्र जिला कार्यालयों और कर्मचारियों को राजस्व मंत्रालयिक सेवा संवर्ग में शामिल करना, वेतन उन्नयन के साथ समान वेतन संरचना का कार्यान्वयन और एक नया एएसओ पद का सृजन आदि शामिल थे।

उनके विरोध के कारण सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली, विशेषकर राजस्व सेवाएं, जिलों में गंभीर रूप से बाधित हुईं। राजस्व विभाग की ओर से सभी जिला कलेक्टरों से कर्मचारियों की अनाधिकृत सामूहिक छुट्टी पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगे जाने के एक दिन बाद राजस्व कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed