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Vande Bharat: भेल के झांसी प्लांट से वंदे भारत ट्रेनों के लिए ट्रांसफॉर्मर की आपूर्ति शुरू, जानिए इसके फायदे

Thu, 15 Jan 2026 04:12 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 15 Jan 2026 04:12 PM IST
सार

BHEL ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए झांसी प्लांट से ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर की सप्लाई शुरू की है। यह कदम मेक इन इंडिया को मजबूत करेगा और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक में कंपनी की भूमिका को आगे बढ़ाएगा। आइए विस्तार से जानते हैं। 

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BHEL's Jhansi plant begins supplying transformers for Vande Bharat trains; learn about its benefits
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने गुरुवार को बताया कि उसने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए सेमी-हाई-स्पीड अंडरस्लंग ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर की आपूर्ति अपने झांसी संयंत्र से शुरू कर दी है। कंपनी के अनुसार, यह पहल उसके मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत एक अहम उपलब्धि है।

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बीएचईएल ने बयान में कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना को BHEL के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा TRSL के साथ मिलकर लागू किया जा रहा है। इस मौके पर झांसी संयंत्र में ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मरों की ध्वजारोहण सामारोह आयोजित की गई।
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भारत स्लीपर ट्रेन की स्पीड कितनी तय की गई है?

कंपनी ने बताया कि इससे पहले इसी परियोजना के लिए ट्रैक्शन कन्वर्टर्स को BHEL के बंगलूरू संयंत्र से रवाना किया जा चुका है। ताजा आपूर्ति से सेमी-हाई-स्पीड प्रोपल्शन सेगमेंट में BHEL की रणनीतिक मौजूदगी और मजबूत हुई है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी प्रति घंटा और डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा तय की गई है।

कोलकाता में होगा ट्रेनों को असेंबल करने का काम

BHEL के अनुसार, ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मरों को कोलकाता भेजा जा रहा है, जहां वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का अंतिम असेंबली कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, परियोजना से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण प्रोपल्शन सिस्टम उपकरण ट्रैक्शन मोटर, बीएचईएल के भोपाल यूनिट में विकसित और निर्मित किया गया है।

इस बीच, BHEL ने यह भी बताया कि उसके झांसी यूनिट को हाल ही में रेल बॉर्न मेंटेनेंस व्हीकल्स (RBMV) का ऑर्डर मिला है, जिनका उपयोग रेलवे ट्रैक के निर्माण, निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव में किया जाता है। यह ऑर्डर रेलवे क्षेत्र में BHEL की बढ़ती भूमिका को और मजबूत करता है।


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