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RBI: 4 अक्तूबर से बदल जाएगी चेक भुगतान की प्रक्रिया, मात्र कुछ घंटे में हो जाएंगे क्लियर; RBI का बड़ा फैसला
Wed, 13 Aug 2025 09:47 PM IST
पवन पांडेय
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 13 Aug 2025 09:47 PM IST
सार
Cheque Clearing Process In Banks: 4 अक्तूबर 2025 से चेक भुगतान की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। जहां पहले आपको एक-दो दिन इंतजार करना पड़ता था, अब यह काम कुछ ही घंटों में हो जाएगा। इससे व्यापारियों, वेतन पाने वाले कर्मचारियों और आम लोगों, सभी को तेजी और सुविधा मिलेगी।
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आरबीआई का बड़ा फैसला
- फोटो : ANI
विस्तार
अब बैंक में चेक जमा करने के बाद आपको दो दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक नई व्यवस्था लागू करने का एलान किया है, जिसके तहत 4 अक्तूबर 2025 से चेक कुछ ही घंटों में क्लियर हो जाएंगे। यह सुविधा पूरे देश में लागू होगी।
अभी क्या होता है?
अभी चेक ट्रंकशन सिस्टम (सीटीएस) के तहत चेक क्लियरिंग में एक से दो कार्यदिवस लग जाते हैं। बैंक चेकों को दिन में एक तय समय पर बैच में प्रोसेस करते हैं, जिससे भुगतान में देरी हो जाती है।
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नई व्यवस्था में क्या बदलेगा?
आरबीआई अब 'निरंतर समाशोधन और प्राप्ति पर निपटान' प्रणाली लागू कर रहा है। इसका मतलब है कि चेक जमा होते ही स्कैन करके तुरंत क्लियरिंग हाउस भेज दिए जाएंगे और दिनभर लगातार प्रोसेस होंगे। चेक क्लियरिंग का समय T+1 दिन से घटकर कुछ घंटे हो जाएगा। इसके साथ ही चेक क्लियरिंग का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक रहेगा। जबकि चेक प्राप्त करने वाला बैंक तय समय में यह पुष्टि करेगा कि चेक पास हुआ या बाउंस।
दो चरणों में लागू होगी प्रणाली
जैसे ही बैंक चेक पास करेगा और सेटलमेंट पूरा होगा, एक घंटे के अंदर आपके खाते में पैसा आ जाएगा। अगर चेक बाउंस होता है, तो यह जानकारी भी तुरंत मिल जाएगी।
आरबीआई का क्या है उद्देश्य?
चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया में बदवाल का उद्देश्य चेक क्लियरिंग की गति बढ़ाना, बैंकों और ग्राहकों दोनों के लिए सुविधा बढ़ाना है। इसके साथ ही फंड्स ट्रांसफर में होने वाली देरी को खत्म करने के साथ-साथ धोखाधड़ी और सेटलमेंट रिस्क को कम करना है।
यह भी पढ़ें - SEBI: यस बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी की याचिका खारिज, चलती रहेगी ईडी की जांच
ग्राहकों के लिए आरबीआई की सलाह
आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे इस नई प्रक्रिया के बारे में ग्राहकों को अच्छी तरह जानकारी दें। चेक जमा करते समय सही जानकारी भरना और हस्ताक्षर स्पष्ट रखना जरूरी होगा, क्योंकि प्रोसेसिंग अब तेज होगी और गलती पर तुरंत असर पड़ेगा।
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अभी क्या होता है?
अभी चेक ट्रंकशन सिस्टम (सीटीएस) के तहत चेक क्लियरिंग में एक से दो कार्यदिवस लग जाते हैं। बैंक चेकों को दिन में एक तय समय पर बैच में प्रोसेस करते हैं, जिससे भुगतान में देरी हो जाती है।
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नई व्यवस्था में क्या बदलेगा?
आरबीआई अब 'निरंतर समाशोधन और प्राप्ति पर निपटान' प्रणाली लागू कर रहा है। इसका मतलब है कि चेक जमा होते ही स्कैन करके तुरंत क्लियरिंग हाउस भेज दिए जाएंगे और दिनभर लगातार प्रोसेस होंगे। चेक क्लियरिंग का समय T+1 दिन से घटकर कुछ घंटे हो जाएगा। इसके साथ ही चेक क्लियरिंग का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक रहेगा। जबकि चेक प्राप्त करने वाला बैंक तय समय में यह पुष्टि करेगा कि चेक पास हुआ या बाउंस।
दो चरणों में लागू होगी प्रणाली
- पहला चरण: 4 अक्तूबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक - बैंकों को शाम सात बजे तक चेक की स्थिति (पास/बाउंस) बतानी होगी। वहीं अगर बैंक जवाब नहीं देगा, तो चेक को ऑटोमेटिक पास माना जाएगा और भुगतान हो जाएगा।
- दूसरा चरण: 3 जनवरी 2026 से - हर चेक को जमा होने के तीन घंटे के अंदर कन्फर्म करना होगा। उदाहरण के लिए- अगर 10 से 11 बजे के बीच चेक जमा हुआ तो बैंक को दो बजे तक जवाब देना होगा। तीन घंटे में जवाब न मिलने पर चेक को पास मानकर भुगतान कर दिया जाएगा।
जैसे ही बैंक चेक पास करेगा और सेटलमेंट पूरा होगा, एक घंटे के अंदर आपके खाते में पैसा आ जाएगा। अगर चेक बाउंस होता है, तो यह जानकारी भी तुरंत मिल जाएगी।
आरबीआई का क्या है उद्देश्य?
चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया में बदवाल का उद्देश्य चेक क्लियरिंग की गति बढ़ाना, बैंकों और ग्राहकों दोनों के लिए सुविधा बढ़ाना है। इसके साथ ही फंड्स ट्रांसफर में होने वाली देरी को खत्म करने के साथ-साथ धोखाधड़ी और सेटलमेंट रिस्क को कम करना है।
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ग्राहकों के लिए आरबीआई की सलाह
आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे इस नई प्रक्रिया के बारे में ग्राहकों को अच्छी तरह जानकारी दें। चेक जमा करते समय सही जानकारी भरना और हस्ताक्षर स्पष्ट रखना जरूरी होगा, क्योंकि प्रोसेसिंग अब तेज होगी और गलती पर तुरंत असर पड़ेगा।