द बोनस मार्केट अपडेट: सेंसेक्स में मामूली गिरावट, निफ्टी 23,250 पर कायम; वैश्विक बाजार में तेजी
भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,250 पर कायम रहा। एचडीएफसी लाइफ में 5% की उछाल और ओएनजीसी में 2% की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में भी तेजी का रुख रहा। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने और आगे मौद्रिक नीति में सख्ती के संकेत के बाद भारतीय मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गुरुवार को लगभग सपाट बंद हुए। बाजार में दिन भर सतर्कता का माहौल बना रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया का 22,569 करोड़ रुपये का प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) भी गुरुवार को सदस्यता के लिए खुला। पहले दिन इस आईपीओ को 39 फीसदी तक सब्सक्राइब किया गया।
दिन के कारोबार में मिली बढ़त गंवाते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 21.86 अंक या 0.03 फीसदी गिरकर 74,314.59 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 341.11 अंक या 0.45 फीसदी चढ़कर 74,677.56 तक पहुंचा था। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी मामूली 53 अंक या 0.23 फीसदी बढ़कर 23,270.60 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयर रहे। टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटरग्लोब एविएशन, इटरनल, मारुति और एशियन पेंट्स बढ़त वाले शेयरों में शामिल थे।
बाजार में उतार-चढ़ाव क्यों रहा?
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रिसर्च एनालिस्ट फर्म के हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने बताया कि गुरुवार को भारतीय शेयर सीमित दायरे में कारोबार के बाद मिले-जुले बंद हुए। निफ्टी 23,270 पर मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 74,314 पर मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। बैंक निफ्टी भी 56,055 पर गिर गया। उन्होंने कहा कि चुनिंदा खरीदारी ने निफ्टी को सहारा दिया, लेकिन निजी क्षेत्र के बैंकों और सूचना प्रौद्योगिकी के शेयरों में कमजोरी ने व्यापक सुधार को सीमित कर दिया।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का क्या असर हुआ?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 आधार अंक की वृद्धि की। साथ ही इस साल एक और वृद्धि का संकेत दिया, जिससे बाजार धारणा सतर्क बनी रही। राधाकृष्णन ने कहा कि चूंकि यह निर्णय काफी हद तक अपेक्षित था, इसलिए इससे बड़ी बिकवाली नहीं हुई। हालांकि, अमेरिकी 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5 फीसदी के करीब थी। विदेशी बिकवाली जारी रहने से घरेलू बढ़त सीमित रही। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 1.61 फीसदी गिरकर 104.1 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
वैश्विक बाजारों और विदेशी निवेश की क्या स्थिति रही?
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 सूचकांक सकारात्मक दायरे में बंद हुआ। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार ऊपरी स्तर पर कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 2,032.61 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बुधवार को सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 फीसदी चढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ था। निफ्टी 99 अंक या 0.43 फीसदी बढ़कर 23,217.60 पर समाप्त हुआ था।