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Bank of Japan: क्या शेयर बाजार में फिर से आने वाली है बड़ी गिरावट? बैंक ऑफ जापान के इस फैसले ने बढ़ाई चिंता

Fri, 24 Jan 2025 12:45 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 24 Jan 2025 12:45 PM IST
सार

Bank of Japan: बैंक ऑफ जापान ने अपनी प्रमुख ब्याज दर को 0.25% से बढ़ाकर लगभग 0.5% कर दिया है। बैंक ने ऊंची मजदूरी और महंगाई का हवाला देते हुए यह फैसला लिया और कहा कि मुद्रास्फीति वांछनीय लक्ष्य स्तर पर बनी हुई है। केंद्रीय बैंक का यह निर्णय शुक्रवार को टोक्यो में नीतिगत बोर्ड की दो दिवसीय बैठक के बाद आया। आइए इस बारे में और जानें।

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Bank of Japan raises interest rate to about 0.5%, citing higher wages, inflation
बैंक ऑफ जापान - फोटो : x.com/@Bank_of_Japan_e

विस्तार

क्या दुनियाभर के शेयर बाजार को एक बार फिर गिरावट का दौर झेलना पड़ सकता है? सवाल एक बार फिर सबकी जुबान पर है, क्योंकि बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में फिर से इजाफा कर दिया है। पिछली बार जब बीओजे ने यह फैसला लिया था पूरी दुनिया के बाजार पर इसका असर दिखा था।

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बैंक ऑफ जापान ने अपनी प्रमुख ब्याज दर को 0.25% से बढ़ाकर लगभग 0.5% कर दिया है। बैंक ने ऊंची मजदूरी और महंगाई का हवाला देते हुए यह फैसला लिया और कहा कि मुद्रास्फीति वांछनीय लक्ष्य स्तर पर बनी हुई है। केंद्रीय बैंक का यह निर्णय शुक्रवार को टोक्यो में नीतिगत बोर्ड की दो दिवसीय बैठक के बाद आया।
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बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा ने बैठक के बाद में पत्रकारों से बात करते हुए बार-बार संकेत दिया कि यह कदम उठाया जा रहा है। हाल के मूल्य डेटा से पता चलता है कि मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के 2% लक्ष्य के आसपास मंडरा रही है। बैठक के दौरान केंद्रीय बैंक की एक और चिंता वेतन में वृद्धि रही।
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हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि जापानी श्रमिकों को बेहतर वेतन मिल रहा है और उन्हें आगामी वार्षिक यूनियन वार्ता में भी ठोस वेतन वृद्धि मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक ने संकेत दिया है कि ब्याज दरों में और वृद्धि हो सकती है, साथ ही उसने इस बात पर भी जोर दिया है कि वह अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के लिए बहुत सतर्क रहन की योजना बना रहा है।

पिछले साल जुलाई में बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों में इजाफे के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी। बैंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर बाजार की प्रतिक्रिया पर भी नजर रख रहा है। बैंक ऑफ जापान ने पिछले वर्ष मार्च में 17 वर्षों में पहली बार ब्याज दर में वृद्धि की थी, जिसके बाद लंबे समय से जारी उनकी नकारात्मक ब्याज दर नीति समाप्त हो गई थी।


जापान में लंबे समय तक चली नरम मौद्रिक नीति का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को अपस्फीतिकारी प्रवृत्तियों से बाहर निकालना तथा विकास को बढ़ावा देना था। अपस्फीति उस स्थिति को कहते हैं जब विकास बाधित हो जाता है, क्योंकि कम्पनियां कम निवेश करती हैं, वेतन में कटौती करती हैं जिससे लोग कम खर्च कम करते हैं। जापान की स्थिति अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक से अलग है, जो मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए दरें बढ़ाने के बाद उन्हें कम कर रहे हैं। फेड ने हाल ही में संकेत दिया है कि वह दरों में कटौती की और गति धीमी कर देगा।

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