फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Bank loan fraud case: Bombay HC to hear plea of Videocon's Venugopal Dhoot against 'illegal' arrest by CBI

ICICI Loan Fraud: बॉम्बे हाईकोर्ट ने धूत की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर सीबीआई से हलफनामा मांगा, 13 को सुनवाई

Tue, 10 Jan 2023 12:34 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Tue, 10 Jan 2023 12:34 PM IST
सार

धूत को 26 दिसंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।  अपनी याचिका में उन्होंने सीबीआई की प्राथमिकी रद्द करने और जांच पर रोक लगाने के साथ ही जमानत पर रिहा करने की मांग की है।

विज्ञापन
Bank loan fraud case: Bombay HC to hear plea of Videocon's Venugopal Dhoot against 'illegal' arrest by CBI
venugopal dhoot

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने वेणुगोपाल धूत की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सीबीआई से हलफनामा मांगा है। वीडियोकॉन समूह के संस्थापक वेणुगोपाल धूत की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को निर्देश दिया कि वह शुक्रवार तक हलफनामा दायर करे। धूत की ओर से बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने, उनकी गिरफ्तारी को ''मनमाना और अवैध'' घोषित करने और जमानत पर रिहा करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट में जब याचिका सुनवाई के लिए आई तो वकील कुलदीप पाटिल ने इस पर निर्देश प्राप्त करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।  न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पी के चव्हाण की खंडपीठ ने कहा कि एजेंसी शुक्रवार तक अपना हलफनामा दायर करे। याचिका पर सुनवाई के लिए उसी दिन यानी 13 जनवरी की तारीख तय की गई।  धूत की ओर से पेश वकील संदीप लड्डा ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया और कहा कि धूत 'दिल में 99 प्रतिशत ब्लॉकेज' से पीड़ित हैं।  

विज्ञापन


पीठ ने कहा कि उसे सीबीआई को हलफनामा दाखिल करने के लिए समय देना होगा।  दो वकीलों सुभाष झा और मैथ्यू नेदुमपारा ने मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की और सह-आरोपी आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक एवं सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को अंतरिम जमानत देने के इसी पीठ के सोमवार के आदेश को वापस लेने की मांग की।  झा ने उच्च न्यायालय से कहा, ''हम इस देश के वकील और सतर्क नागरिक हैं और इसलिए हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं।  पीठ ने कहा कि वह शुक्रवार को विचार करेगी कि क्या दोनों अधिवक्ताओं को सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए।  धूत ने अपनी याचिका में सीबीआई की प्राथमिकी रद्द करने और जांच पर रोक लगाने के साथ ही जमानत पर रिहा करने की मांग की है। उन्हें 26 दिसंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं। धूत ने सीबीआई की ओर से अपनी गिरफ्तारी को मनमाना, अवैध, कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई कार्रवाई बताया था। याचिका में कहा गया था कि यह दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 (ए) का घोर उल्लंघन जिसके तहत आरोपी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी करने और बहुत आवश्यक होने पर ही गिरफ्तारी करने के लिए को अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन


धूत के वकील संदीप लड्डा ने सोमवार दोपहर न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पी के चव्हाण की खंडपीठ के समक्ष धूत की याचिका रखी थी। इसी पीठ ने सोमवार को मामले में धूत के सह-आरोपी आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक व सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को अंतरिम जमानत दे दी थी।  उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कोचर दंपति की गिरफ्तारी 'आकस्मिक और यांत्रिक' तरीके से और बिना सोचे-समझे करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को कड़ी फटकार लगाई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed