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आईटी उद्योग: विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने कहा- दोहरे अंकों में बढ़ेगी उद्योग की आय
Wed, 07 Jul 2021 04:20 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Wed, 07 Jul 2021 04:20 PM IST
सार
विप्रो के संस्थापक अध्यक्ष अजीम प्रेमजी का मानना है कि भारतीय आईटी उद्योग की आय चालू वित्त वर्ष में दोहरे अंकों में बढ़ेगी।
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अजीम प्रेमजी
- फोटो : ANI
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विस्तार
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बुधवार को कहा कि भारतीय आईटी उद्योग वित्त वर्ष 2021-22 में 11 फीसदी तक की आय वृद्धि के साथ जोरदार वापसी करेगा। यह सुधार मुख्य रूप से बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई), स्वास्थ्य सेवा, खुदरा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में आउटसोर्सिंग बढ़ाने और डिजिटल रूपांतरण सेवाओं में तेजी के कारण होगा। नैसकॉम के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में आईटी उद्योग की आय 194 अरब अमेरिकी डॉलर थी।
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दोहरे अंकों में बढ़ेगी आईटी उद्योग की आय- अजीम प्रेमजी
विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी का मानना है कि भारतीय आईटी उद्योग की आय चालू वित्त वर्ष में दोहरे अंकों में बढ़ेगी। खासतौर से यह देखते हुए कि महामारी के बावजूद उद्योग ने वित्त वर्ष 2020-21 में 2-3 फीसदी की वृद्धि हासिल की और सकल आधार पर 1.58 लाख नई नौकरियां दी गईं।
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इन कारकों से मिली आईटी कंपनियों को मदद
क्रिसिल ने कहा कि उच्च व्यावसायिक स्तर और अधिक लाभदायक डिजिटल सौदों (कुल आय में वित्त वर्ष 2019-20 में 40 फीसदी के मुकाबले 2020-21 में 45 फीसदी हिस्सेदारी) से आईटी कंपनियों को बेहतर परिचालन मार्जिन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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आईटी सेवाओं की आउटसोर्सिंग में वैश्विक स्तर पर लगातार तेजी
इस संदर्भ में क्रिसिल के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा कि ग्राहकों द्वारा लागत को काबू में करने की कवायद के साथ ही आईटी सेवाओं की आउटसोर्सिंग में वैश्विक स्तर पर लगातार तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा महामारी के बीच डिजिटल सेवाओं के लिए अतिरिक्त अवसर तैयार हुए हैं।
कोरोना वायरस महामारी के चलते देश के सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। हेल्थ के साथ-साथ लोगों की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ी है। लेकिन इस बीच आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री को नुकसान नहीं, बल्कि फायदा हुआ है। देश की आउटसोर्सिंग राजधानी बंगलूरू भी महामारी से प्रभावित हुई है, लेकिन इंडस्ट्री पर इसका बुरा असर नहीं पड़ा। भारत की जीडीपी में आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री का योगदान करीब आठ फीसदी है। ऐसे में यह अर्थव्यवस्था के लिहाज से अच्छी खबर है।