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e-commerce: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर चिकित्सक के नुस्खे के साथ बेचनी होंगी आयुर्वेदिक दवाएं, जारी हुए दिशा-निर्देश
Fri, 15 Jul 2022 03:28 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 15 Jul 2022 03:28 AM IST
सार
आयुर्वेदिक (सिद्ध सहित) और यूनानी चिकित्सा पद्धति के तहत भांग, चरस, अफीम सरीखे पदार्थों से बनने वाली दवाएं आती हैं। जिसमें ज्यादातर दर्द निवारक, शक्तिवर्धक और असाध्य रोगों की दवाएं शामिल हैं।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स संस्थाओं से कहा है कि वह आयुर्वेदिक, सिद्ध और यूनानी दवाओं को पंजीकृत चिकित्सक या वैध के नुस्खे पर ही बेच सकते हैं।
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इसके तहत वह दवाएं शामिल हैं, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक रूल्स, 1945 की अनुसूची ई (1) में सूचीबद्ध सामग्री में शामिल हैं।
इसमें आयुर्वेदिक (सिद्ध सहित) और यूनानी चिकित्सा पद्धति के तहत भांग, चरस, अफीम सरीखे पदार्थों से बनने वाली दवाएं आती हैं। जिसमें ज्यादातर दर्द निवारक, शक्तिवर्धक और असाध्य रोगों की दवाएं शामिल हैं।
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लिहाजा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को सलाह दी गई है कि ऐसी दवाओं की बिक्री एक पंजीकृत आयुर्वेद, सिद्ध या यूनानी चिकित्सक के वैध नुस्खे के बाद ही बेची जा सकेगी। इन दवाओं के बिना चिकित्सक की सलाह के इस्तेमाल से गंभीर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
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इसलिए सीसीपीए ने यह सलाह जारी की है। साथ ही दवा के पैकेट पर हिंदी और अंग्रेजी में निर्देश या सावधानी अंकित करने को कहा है।