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Onion Rates: प्याज ने बिगाड़ा लोगों की रसोई का बजट, दिल्ली में इसकी औसत कीमत ₹78/किलो तक पहुंची; जानें सब कुछ
Mon, 30 Oct 2023 08:28 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 30 Oct 2023 08:28 PM IST
सार
उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से जुटाए गए आंकड़ों की मानें तो देश में प्याज की औसत कीमत लगभग 50.35 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसकी अधिकतम दर 83 रुपये प्रति किलोग्राम और मॉडल कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
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प्याज महंगा हुआ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्याज के भाव लोगों की जेब ढीली कर रहा है। दिन पर दिन बढ़ते दाम से लोगों की रसोई का बजट डगमगा गया है। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं। खुदरा बाजार में इसकी औसत कीमत 78 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
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हालांकि, उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से जुटाए गए आंकड़ों की मानें तो देश में प्याज की औसत कीमत लगभग 50.35 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसकी अधिकतम दर 83 रुपये प्रति किलोग्राम और मॉडल कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
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देश में प्याज की सबसे कम कीमत 17 रुपये प्रति किलोग्राम रिकॉर्ड की गई। स्थानीय विक्रेता प्याज 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक बेच रहे हैं, जबकि रसोई का प्रमुख सामान ई-कॉमर्स पोर्टल बिगबास्केट और ओटिपी पर यह 75 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।
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इस बीच घरेलू बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने घरेलू उपलब्धता बनाए रखने के लिए 28 अक्तूबर को प्याज निर्यात पर 800 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 67 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) अधिसूचित कर दिया था। सरकार बफर के लिए अतिरिक्त 2 लाख टन प्याज खरीदने की भी तैयारी कर ली है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया था कि फैसला 31 दिसंबर तक लागू रहेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
घरेलू बाजार में प्याज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में प्याज की किल्लत से बचने और ज्यादा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके जरिए आसमान छूती कीमतों को काबू में रखने की कोशिश की जाएगी।
प्याज की बढ़ती कीमतों में उछाल का कारण
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा कि मौसम संबंधी कारणों से खरीफ प्याज की बुआई में देरी हुई है। इससे फसल की आवक में भी देरी हुई है। खरीफ प्याज की आवक अब तक शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन नहीं हुई है। रबी सीजन की प्याज का भंडार खत्म होने से आपूर्ति कम हो रही है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं।
सरकार 25 रुपये/किलो की दर से प्याज बेच रही
उन्होंने कहा कि सरकार ने चालू वर्ष के लिए बफर प्याज स्टॉक को दोगुना कर दिया है। इससे घरेलू उपलब्धता में सुधार होगा और आने वाले दिनों में कीमतों पर अंकुश लगेगा। कीमतों में तेजी के बाद शुक्रवार को केंद्र ने ग्राहकों को राहत देने के लिए बफर स्टॉक से रियायती दर पर ज्यादा प्याज बेचने का फैसला लिया है। सरकार फिलहाल 25 रुपये किलो प्याज बेच रही है।
बुआई में देरी से महंगा हुआ प्याज
खुदरा बाजारों में, बफर प्याज को दो सहकारी निकायों एनसीसीएफ और एनएएफईडी आउटलेट और वाहनों के माध्यम से 25 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जा रहा है। दिल्ली में भी बफर प्याज इसी रियायती दर पर बेचा जा रहा है।