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एक्सप्लेनर: सोने-चांदी से लेकर झाड़ू तक, हर खरीदारी शुभ; जानिए इनका क्या महत्व?
Fri, 06 Nov 2026 05:03 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 06 Nov 2026 05:03 PM IST
सार
- धनतेरस पर सोने-चांदी, बर्तन, झाड़ू और वाहनों की खरीदारी का महत्व जानें।
- मां लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि की पूजा क्यों की जाती है, समझें।
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धनतेरस के दिन किन चीजों की करें खरीदारी।
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
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धनतेरस पर कुछ नया खरीदकर घर लाना सबसे खास परंपराओं में से एक है। सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन यह परंपरा सिर्फ कीमती धातुओं तक सीमित नहीं है।
कौन से धातुओं की खरीदारी पर रहती हैं नजरें?
- सोना : सोने के गहने और सिक्के मां लक्ष्मी से जुड़े माने जाते हैं। इन्हें धन, समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
- चांदी : चांदी के सिक्के, गहने और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। दिवाली की पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर वाले सिक्के भी खरीदे जाते हैं।
- पीतल और तांबे के बर्तन : इनकी खरीदारी का संबंध समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि के अमृत कलश लेकर प्रकट होने की कथा से जोड़ा जाता है।
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स्टील के बर्तन की क्यों होती है खरीदारी?
महंगी धातुएं नहीं खरीदने वाले परिवार स्टील के नए बर्तन खरीदते हैं। यह परंपरा का एक उपयोगी और किफायती विकल्प है।
- झाड़ू: कई घरों में धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदने की परंपरा है। इसे घर से दरिद्रता दूर करने और मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक माना जाता है।
- वाहन और घरेलू उपकरण : आजकल धनतेरस पर गाड़ी, फ्रिज, टीवी और दूसरे घरेलू उपकरण खरीदने का चलन भी बढ़ा है। इन्हें नई शुरुआत और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।
किन देवी-देवताओं की होती है पूजा?
- मां लक्ष्मी: इन्हें धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। भक्त घर में खुशहाली और आर्थिक संपन्नता के लिए इनकी पूजा करते हैं।
- भगवान कुबेर: इन्हें देवताओं का खजांची माना जाता है। धन और आर्थिक स्थिरता की कामना के लिए इनकी पूजा की जाती है।
- भगवान धन्वंतरि: इन्हें आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है। भक्त अच्छे स्वास्थ्य और बीमारियों से बचाव के लिए इनकी पूजा करते हैं।
धनतेरस के साथ ही दिवाली के त्योहार की शुरुआत होती है। धनतेरस पर जहां धन, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है, वहीं दिवाली के मुख्य दिन मां लक्ष्मी की पूजा होती है। दिवाली को अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक भी माना जाता है। यह त्योहार आस्था, परिवार और खुशियों के साथ नई ऊर्जा के स्वागत का मौका बनता है।