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Ashwini Vaishnaw: भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत टैलेंट तैयार करने पर दे रहा जोर, 7600 करोड़ की यूनिट का उद्घाटन

Fri, 29 Aug 2025 07:33 AM IST
शुभम कुमार बिजनेस डेस्क,अमर उजाला
बिजनेस डेस्क,अमर उजाला Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 29 Aug 2025 07:33 AM IST
सार

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत को जल्द अपनी पहली सेमीकंडक्टर चिप मिल जाएगी, जिसे प्रधानमंत्री मोदी देश को समर्पित करेंगे। गुजरात के साणंद में 7,600 करोड़ की लागत से तैयार यूनिट का उद्घाटन हुआ। यह प्रोजेक्ट भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 50% वित्तीय सहायता से स्थापित हुआ है।

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Ashwini Vaishnaw India is focusing on preparing talent under the Semiconductor Mission News In Hindi
अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को जल्द ही अपना पहला सेमीकंडक्टर चिप मिल जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के पहले सेमीकंडक्टर चिप को देश को समर्पित करेंगे। वैष्णव ने गुजरात के साणंद जिले में सीजी सेमी प्राइवेट लिमिटेड की उन्नत आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट सुविधा का उद्घाटन किया।
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वैष्णव ने कहा, यह यूनिट सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड ने अमेरिका की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर करीब 7,600 करोड़ रुपये के निवेश से लगाई है। इस परियोजना को भारत सेमीकंडक्टर मिशन से 50% वित्तीय सहयोग भी मिलेगा।
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भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा का बड़ा मील का पत्थर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा का बड़ा मील का पत्थर है। मैंने माइक्रोन, कैन्स और धोलेरा के प्लांट्स भी देखे हैं। सभी जगह तेजी से काम हो रहा है। यह सपना अब हकीकत बनता दिख रहा है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन सिर्फ फैक्टरियों पर नहीं, बल्कि टैलेंट तैयार करने पर भी जोर दे रहा है।


वैश्विक स्तर पर 2032 तक लगभग 10 लाख विशेषज्ञों की कमी होने का अनुमान है। इस गैप को भरने के लिए भारत ने 270 विश्वविद्यालयों से साझेदारी की है, जहां छात्रों को दुनिया के सबसे एडवांस्ड चिप डिजाइन टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं। वर्ष 2025 में ही छात्रों ने 12 लाख डिजाइन घंटे पूरे किए और 17 संस्थानों ने चिप डिजाइन कर उसे उत्पादन के अंतिम चरण तक पहुंचा दिया। 

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2021 में शुरू हुई थी सेमीकंडक्टर योजना
केंद्र सरकार ने दिसंबर 2021 में 76,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर योजना शुरू की थी। अब तक चार बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें धोलेरा (असम) और साणंद (गुजरात) शामिल हैं। जल्द ही इनसे 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और करीब 7 करोड़ चिप प्रतिदिन उत्पादन क्षमता हासिल होगी। सरकार ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत चार और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें से दो ओडिशा में और एक-एक आंध्र प्रदेश और पंजाब में होंगी।
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