MSME for Bharat: 'एमएसएमई क्षेत्र में अब पूंजी का इंतजाम हुआ आसान', बोले वेंचर कैपिटल क्षेत्र के जानकार
MSME for Bharat: एमएसएमई फॉर भारत में एनएसआईसी वेंचर कैपिटल के निदेशक और सीईओ सरवाना कुमार ने बताया कि भारत में एमएसएमई तकनीक से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर फंडिंग मुहैया कराने की कोशिशें हुई है। आइए इस बारे में जानें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई दिशा देने, उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बनाने और “वोकल फॉर लोकल” के विजन मजबूती देने के उद्देश्य से अमर उजाला की ओर से आयोजन एमएसएमई फॉर भारत आयोजन के तीसरे सत्र में वित्तीय जगत के दिग्गजों ने बताया कि देश के एमएसएमई क्षेत्र में पूंजी का इंतजाम कैसे आसान हो। एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव, एक्सपो व अवार्ड्स 2025 का आयोजन भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में जारी है।
आयोजन के दौरान एनएसआईसी वेंचर कैपिटल के निदेशक और सीईओ सरवाना कुमार और कारपे डायम वेंचर्च के निनाद कारपे ने भी अपने विचार साझा किए।
तकनीक से जुड़ी दिक्कतों से निपटने के लिए एनएसआईसी ने की मदद
एनएसआईसी वेंचर कैपिटल के निदेशक और सीईओ सरवाना कुमार ने बताया कि भारत में एमएसएमई तकनीक से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर फंडिंग मुहैया कराने की कोशिशें हुई है। इस कड़ी में एनएसआईसी की ओर से एक फंड्स ऑफ फंड का संचालन किया जा रहा है।
आइडिया में दम है तो कैपिटल का इंतजाम हो जाता है
दूसरी ओर निनाद कारपे ने कहा है कि पहले आईडियाज लेकर लोग कैपिटल ढूंढते थे पर अब आइडिया सही हो तो कैपिटल का इंतजाम हा जाता है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई में से किसी भी को आप वीसी मनी चाहिए तो उन्हें अपने बिजनेस को एक स्केल देना होगा। नहीं तो आपको बैंकिंग फाइनेंस के भरोसे ही रहना पड़ेगा। अगर वेंचर फंडिंग चाहिए तो हमें दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ना चाहिए। ऐसा नहीं है कि एक दो वेंचर कैपिटलिस्ट से मिले फंडिग नहीं मिली तो फिर हार मान गए। फंडिंग चाहते हैं तो लगातार कोशिशें जारी रखनी होंगी।