{"_id":"5f0d57a78ebc3e63d0169fea","slug":"annual-rate-of-inflation-based-on-wpi-for-the-month-of-june","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने जारी किए आंकड़े, जून में 1.81 फीसदी घटी थोक मूल्य मुद्रास्फीति","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
सरकार ने जारी किए आंकड़े, जून में 1.81 फीसदी घटी थोक मूल्य मुद्रास्फीति
Tue, 14 Jul 2020 12:28 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 14 Jul 2020 12:28 PM IST
विज्ञापन
थोक मूल्य मुद्रास्फीति (सांकेतिक तस्वीर)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में जून माह के दौरान 1.81 फीसदी की गिरावट आई। जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.02 फीसदी था।
विज्ञापन
The annual rate of inflation, based on monthly Wholesale Price Index (WPI), stood at -1.81% (provisional) for the month of June, 2020 (over June, 2019) as compared to 2.02% during the corresponding month of the previous year: Government of India. pic.twitter.com/2nVpoXMEgJ
— ANI (@ANI) July 14, 2020विज्ञापन
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि मुद्रास्फीति का आंकड़ा कोरोना वायरस महामारी के कारण पाबंदियों की वजह से सीमित संख्या में बाजारों से एकत्रित आंकड़ों पर आधारित है। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये 'लॉकडाउन' के कारण अप्रैल और मई का पूरा सीपीआई आंकड़ा जारी नहीं किया है।
विज्ञापन
इस दौरान ईंधन और बिजली के दाम में गिरावट रही जबकि खाद्य पदार्थ महंगे हुए। ईंधन और बिजली समूह के सूचकांक में 13.60 फीसदी की गिरावट रही। विनिर्मित उत्पादों की यदि बात की जाये तो जून में इनकी मुद्रास्फीति 0.08 फीसदी रही। बहरहाल, मंत्रालय ने कहा है कि अप्रैल की डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति 1.57 फीसदी रही है।
पिछले माह इतनी रही मुद्रास्फीति
पिछले माह यानी मई में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में ईंधन और बिजली के दाम घटने से 3.21 फीसदी की गिरावट आई थी। हालांकि, तब खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े हैं।अप्रैल में यह 2.55 फीसदी थी। वहीं ईंधन और बिजली समूह में मई के दौरान 19.83 फीसदी महंगाई रही जबकि अप्रैल में भी इसमें 10.12 फीसदी की गिरावट रही थी। वहीं विनिर्मित उत्पादों के मामले में भी मई माह के दौरान 0.42 फीसदी की गिरावट रही।
क्या है मुद्रास्फीति ?
मालूम हो कि मुद्रास्फीति की दर नई निश्चित अवधि में मूल्यों की उपलब्ध मुद्रा के सापेक्ष वृद्धि मुद्रास्फीति या महंगाई कहलाती है। जैसे अगर आप आपने कोई सामान 100 रुपये में खरीदा है और इसके बाद मुद्रास्फीति की दर 10 फीसदी रही, तो आप उस सामान को अगले साल 110 रुपये में खरीदेंगे।
6.09 फीसदी पर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति
खुदरा मुद्रास्फीति की बात करें, तो खाद्य पदार्थ महंगे होने से जून में यह बढ़कर 6.09 फीसदी पर पहुंच गई। पिछले साल जून महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर 3.18 फीसदी थी।