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Maharashtra: अनिल देशमुख के बेटे ने एंटीसिपेटरी बेल की अर्जी वापस ली, मनी लाउंड्रिंग का है मामला
Tue, 22 Nov 2022 07:44 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Tue, 22 Nov 2022 07:44 PM IST
सार
Maharashtra: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऋषिकेश को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन वह जांच एजेंसी के सामने कभी पेश नहीं हुए। मामले में गिरफ्तारी की आशंका से ऋषिकेश ने पिछले साल नवंबर में यहां एक विशेष अदालत के समक्ष अपने अधिवक्ता अनिकेत निक्कम और इंद्रपाल सिंह के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
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अनिल देशमुख
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख के बेटे ऋषिकेश ने मंगलवार को अग्रिम जमानत अर्जी (Anticipatry ) वापस ले ली, जिसे उन्होंने धन शोधन के एक मामले में विशेष अदालत के समक्ष एक साल पहले दायर किया था।
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अनिल देशमुख भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं और उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। हालांकि, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से भ्रष्टाचार के एक मामले जारी जांच के सिलसिले में वह अब भी न्यायिक हिरासत में हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऋषिकेश को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन वह जांच एजेंसी के सामने कभी पेश नहीं हुए। मामले में गिरफ्तारी की आशंका से ऋषिकेश ने पिछले साल नवंबर में यहां एक विशेष अदालत के समक्ष अपने अधिवक्ता अनिकेत निक्कम और इंद्रपाल सिंह के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
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मंगलवार को उनके वकील ने विशेष न्यायाधीश आरएन रोकड़े को सूचित किया कि वे मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं और याचिका वापस लेने की मांग की। अदालत ने उनकी दलील को स्वीकार कर लिया और आवेदन को वापस ले लिया। एनसीपी के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में गृह मंत्री थे।
ईडी ने उनके और अन्य लोगों के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया था। यह मामला सीबीआई की ओर से उनपर मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह की ओर से लगाए गए रिश्वत के आरोपों से संबंधित भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने के बाद सामने आया था।